मण्डी 2 अगस्त,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा
हिमाचल के बीएसएफ जवान की करंट लगने से मौत के मामले में मंडी मंडल के जिला न्यायाधीश की अदालत ने हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड निगम को मृतक की पत्नी और दो नाबालिग बच्चों को 1.19 करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक़ अदालत ने इसे बोर्ड की लापरवाही माना और सख्त उत्तरदायित्व का सिद्धांत लागू किया।
याद रहे कि 5 जुलाई 2019 को धर्मपुर के रांगड़ गांव में बीएसएफ जवान सुरेंद्र सिंह (38) खेत में ट्रैक्टर से जुताई कर रहे थे, जब वे बिजली के खंभे से जुड़ी स्टे वायर से छू गए। जिससे करंट लगने पर उनकी मौके पर मौत हो गई थी। परिजनों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन वे असफल रहे।
परिजनों ने आरोप लगाया कि बोर्ड की लापरवाही से तार की स्थिति खराब थी और पहले भी कई बार करंट की शिकायत की गई थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हादसे के बाद ग्राम पंचायत और विद्युत बोर्ड के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तार को जल्दबाजी में काट दिया। मृतक की पत्नी निशा देवी ने अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ अदालत में एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी।
बता दें कि इस मामले विद्युत बोर्ड ने हादसे के लिए मृतक सुरेंद्र सिंह को ही जिम्मेदार ठहराया था और दावा किया था कि ट्रैक्टर स्टे वायर से टकराया।
लेकिन अदालत ने गवाहों के बयान, पुलिस रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विभागीय जांच के आधार पर पाया कि पोल और तार में पहले से करंट था।
परिजनों की पूर्व शिकायतों के बावजूद बोर्ड ने कोई सुधार नहीं किया।जिस पर यह आदेश जारी किया गया।










