क्या ब्राह्मणवाद के चलते होगा हिमाचल में सत्ता परिवर्तन ?
शिमला 18 दिसम्बर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हालिया घटनाक्रम के बाद कांग्रेस के भीतर हलचल तेज हो गई है।

राजनीतिक गलियारों में राजपूत नेतृत्व को कमजोर करने की जद्दोजहद और सत्ता संतुलन बदलने की चर्चाएँ सामने आ रही हैं।
हाल ही में मंडी में आयोजित जन सम्मान समारोह के बाद दो ब्राह्मण नेताओं की मुलाकात को भी इसी राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेता जे.पी. नड्डा और कांग्रेस नेता मुकेश अग्निहोत्री की विशेष मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री स्व. राजा वीरभद्र सिंह के राजपरिवार को लेकर सत्ता में जारी संघर्ष पहले से ही संकेत देता रहा है कि ऊपरी संगठनात्मक समर्थन के अभाव में परिवार को राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीर भद्र सिंह के स्टेच्यू के लिए भूमि आवंटन को लेकर चले विवाद और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की कथित उपेक्षा के आरोप भी इन चर्चाओं को बल दे रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रदेश में सत्ता की धुरी को लेकर जातीय समीकरणों की चर्चा तेज हुई है। सोशल मीडिया पर भी इस तरह की खबरें वायरल हो रही हैं, जिससे माहौल बनाने की बात कही जा रही है।
उधर भाजपा में जय राम ठाकुर और अनुराग ठाकुर की आपसी खींचतान को भी इस ब्राह्मण वाद से जोड़ा जा रहा है।

हालांकि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किसी भी प्रकार के इस्तीफे से साफ इनकार किया है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में हिमाचल की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और सियासी चर्चाओं का क्या असर पड़ता है।








