/हिमाचल की राजनैतिक पार्टियो के प्रत्याशियो के अलावा आजाद उम्मीदवार भी सरकार बनाने में सेतू बनने की भूमिका निभाने के लिए बडे नेताओ के सम्पर्क में ।

हिमाचल की राजनैतिक पार्टियो के प्रत्याशियो के अलावा आजाद उम्मीदवार भी सरकार बनाने में सेतू बनने की भूमिका निभाने के लिए बडे नेताओ के सम्पर्क में ।


शिमला 24 नवम्बर,
हिम नयन न्यूज/ नयना वर्मा

हिमाचल में चुनाव के परिणाम अभी आने बाकि है लेकिन हिमाचल की बडी राजनैतिक पार्टियों में नेताओ नेअपने अपने राजनैतिक केरियर को चमकाने के लिए गोटियां बैठानी शुरू कर दी है वहीं हिमाचल की राजनैतिक पार्टियो के प्रत्याशियो के अलावा आजाद उम्मीदवार भी सरकार बनाने में सेतू बनने की भूमिका निभाने के लिए बडे नेताओ के सम्पर्क में बने हुए है । मिली जानकारी के मुताबिक हिमाचल मंे हुए भारी मतदान को देखते हुए विपक्षी पार्टियो ने इसे अपने पक्ष में मतदान होने के संकेत माने है जबकि सतारूढ दल इस को लोगो की जागरूकता के लिए करवाए गए चुनाव आयोग के प्रचार का परिणाम मान रहे है । मामला जो भी हो परिणाम जो भी हो यह दीगर बात है लेकिन हिमाचल के कांग्रेस पार्टी के नेताओ ने दिल्ली में हाई कमान के आगे अपनी अपनी गोटियां बिठानी शुरू कर दी है । राजनीति के विशेषज्ञयो की माने तो कांग्रेसी मुख्य मन्त्री की सीट के लिए अपने अपने तार भिडाने लगे है । हिमाचल राजनीति के धरूंदर माने जाने वाले पूर्व मुख्य मन्त्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी प्रतीभा सिंह का नाम मुख्य मन्त्री पर के लिए चर्चा में पहले नम्बर पर चल रहा है जबकि कौेल सिंह ठाकुर भी मुख्य मन्त्री पदके दावेदारी जता चुके है । उधर कांग्रेस पार्टी के सुखविन्द्र सिंह सुक्खु भी अपनी गोटियां बिठा रहे है । जबकि विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री सभी हालातो पर नजर बनाए हुए है और अपने तार पार्टी मंे भिडाए हुएहै । इसी तरह यदि सता रूढ दल की बात करे तो भाजपा के नेताओ ने भी अपने अपने भविष्य को चमकाने के लिए हाई कमान व प्रदेश के मुख्य मन्त्री जय राम ठाकुर के साथ लगातार सम्पर्क बनाए हुएहै । उधर हिमाचल की राजनीति का ध्रुविकरण करने के लिए तैयार आजाद उम्मीदवार सता की चाबी बहुमत हासिल करने के लिए अपने पास बताने लगे है ।
राजनीतिक पार्टियो के अलावा आजा उम्मीदवार अपने अपने से सम्बन्धित दलो के अलावा विपक्षी दलो के सम्पर्क में भी बताए जा रहे है जो चुनाव परिणाम आने के बाद बहुमत के लिए अहम भूमिका के रूप में प्रयोग होने की आश लगाए हुए है ।
हिमाचल का मतदाता आठ दिसम्बर का इंतजार कर रहा है जिस से वह अपने मत के प्रयोग का परिणाम देख सके ।राजनैतिक पार्टियो का सरकार बनाने का खेल तो होगा ही लेकिन किस पार्टी को बहुमत मिलेगा यह निर्णय मतगण्ना के दिन ही तय होगा ।