शिमला 27 जनवरी,
हिम नयन न्यूज/ ब्यूरो /नयना वर्मा
हिमाचल प्रदेश में वैल्यू एडेड टैक्स लॉ, वैल्यू एडेड टैक्सए एंट्री टैक्स और सेंट्रल सेल्स टैक्स पर एक ग्रंथ ;एक पाठ्य पुस्तक और एक होने के नाते(कानून नियमावली) विरासत योजनाओं के साथ अधिनियमों, नियमों और दरों के साथ। एक कॉम्पैक्ट वॉल्यूम में, प्रकाषित किया गया । मिली जानकारी के मुताबिक आज पीटरहॉफ मेंए एक विशाल सभा से पहले,हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिवक्ता {कराधान} विनोद के शर्मा द्वारा लिगेसी कानूनों पर लिखी गई टैक्स बुक का विमोचन किया।
इस का शीर्षक हिमाचल प्रदेश में वैल्यू एडेड टैक्स लॉ, वैल्यू एडेड टैक्स, एंट्री टैक्स और सेंट्रल सेल्स टैक्स पर एक ग्रंथ ;एक पाठ्य पुस्तक और एक होने के नाते( कानून नियमावली)विरासत योजनाओं के साथ अधिनियमों, नियमों और दरों के साथ। एक कॉम्पैक्ट वॉल्यूम में, यह पुस्तक वैल्यू एडेड टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, एंट्री टैक्स और टैक्सेशन से संबंधित कानून को इन कानूनों के अस्तित्व तक अद्यतन दरों के साथ सड़क मार्ग से ले जाने पर समाप्त करती है। वस्तु एवं सेवा कर की उत्पत्ति मूल्य वर्धित कर से हुई है। 2005 में प्रत्येक चरण पर माल की बिक्री में जोड़े गए मूल्य पर कराधान की अवधारणा अस्तित्व में आई। 2012-13 में प्रकाशित पिछले दो संस्करणों के बाद सेए कानून में जबरदस्त संशोधन किया गया है और माल पर कर की दरों में संशोधन किया गया है। इसलिए यह अनिवार्य था कि इस खंड को प्रकाशित किया जाए ताकि पिछली पुस्तकें उपयोगी हो सकें। कराधान पर पुस्तकों को पढ़ना जरूरी हैए खासकर जब प्रशासन राजस्व घाटे के अंतर को दूर करने के तरीकों की तलाश कर रहा है और पुरानी पेंशन योजना के लिए आवश्यक धन उत्पन्न कर रहा है जिससे लगभग 1-36 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा।
इस किताब में कर मंचों और माननीय न्यायालयों के निर्णयों द्वारा लिखित कानून को बल दिया गया हैए समझाया गया है और स्पष्ट किया गया है। कराधान विधानों में मामला कानून का सबसे बड़ा निकाय उपलब्ध है। इन निर्णयों का संदर्भ और विषय.वस्तु का उपचार अतिशयोक्तिपूर्ण है और इन्हें इस खंड में उद्धृत किया गया है। इसलिए यह लिखित और प्रतिपादित कानून वाले इन विरासती विधानों की पाठ्य पुस्तक है।
अधिवक्ता {कराधान} विनोद के शर्मा ने मुख्य मन्त्री का आभार जताया है ।









