सहजयोगियो ने अनुभव करवाई कुण्डिलीनी जागरण की स्थिति लोगो को ।
सोलन 6 मार्च,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो /कमल चौहान
यहां सोलन के खेल परिसर चिल्ड्रन पार्क में आज श्री माता जी निर्मला देवी द्वारा बताई गई विधी से बच्चो तथा स्थानीय लोगो को आत्म साक्षात्कार प्रदान किया जा रहा है । यह जानकारी देते हुए सहजयोगियो ने बताया कि जिला युवा सेवा एवम् खेल कार्यालय सोलन के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है । जिस में जिला युवा सेवा एवम् खेल कार्यालय के प्रतिनिधी दीपक कुमार के नेतृत्व में इस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है ।

जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी द्वारा 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को भविष्य के प्रति सजग करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय युवा नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया किया जा रहा है इस प्रशिक्षण शिविर में सोलन जिला के सभी खंडों से लगभग 50 80 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं इस वर्ष राशि व 3 से 7 मार्च तक चिल्ड्रन पार्क सोलन की खेल परिसर में आयोजित किया जा रहा है इस बारे में जानकारी देते हुए जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी ने योग का जीवन में महत्व की जानकारी युवाओं को देने के लिए सोलन के सहयोगियों को आमंत्रित किया है

मिली जानकारी के मुताबिक श्री माता जी निर्मला देवी द्वारा बताए गई आत्म साक्षात्कार विधी से लोगो को स्थानीय सहजयोगियो द्वारा आत्म साक्षात्कार करवाया गया । इस अवसर पर मौजूद लोगो ने आत्मसाक्षात्कार का अनुभव अपने हाथो व सहस्त्रार पर किया । इस मौके पर युवा सेवा एवम् खेल कार्यालय के प्रतिनिधी ने भी आत्म साक्षात्कार का अनुभव किया । याद रहे कि इस तनाव भरे युग में लोगो को आत्म शांति के लिए सहजयोग से बेहतर कोई भी पद्धति नही है ।
सहजयोगियो ने बताया इस के लिए किसी भी तरह की बंन्दिश नही है और किसी भी जाति धर्म व लिग भेद के यह क्रिया निशुल्क करवाई जाती है । यह आत्मा और परमात्मा का मेल है जिस के लिए किसी पोथी पढने की भी जरूरत नही है ।

सहजयोगियो ने बताया कि सहजयोगा द्वारा आत्म साक्षात्कार पाने के लिए ऑन लाईन भी सम्पर्क किया जा सकता है इस के लिए टोल फ्री नम्बर 18002700800 पर कभी भी सम्पर्क किया जा सकता है और इस को निशुल्क घर बैठे किया जा सकता है ।

यह हर व्यक्ति के अन्दर सुप्तावस्था में बैठी मां स्वरूप कुण्डिलीनी के जागरण की विधी है और कुझिडलीनी के जागरण से जन्मो जन्मोन्तर के पापो से छुटकारा पाया जा सकता है जिसे साधक अपने हाथो पर महसूस भी कर सकता है ।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सात मार्च तक जारी रहेगा ।










