सोलन 15 मार्च,
हिम नयन न्यूज/ ब्यूरो/ नयना वर्मा
श्री माता जी निर्मला देवी द्वारा प्रदत सहज योग आज दुनिया भर में जीवन जीने का एक सही तरीका है । सहजयोग जहां व्यक्ति को आत्मसाक्षात्कार करवाता है वही सत्य के साधको को प्रक्रतिक आपदाओ व उन से जूडे प्रकोपो से भी रक्षा करता है । जीवन में सही संतुलित विकास करने के लिए सहज योग से बेहतर कोई जीवन शैली नही रह गई है ।

आधुनिक समय में ग्लोबलाइजेशन की कृपा से आनंद के प्राय: बदल गए हैं मानव की सारी प्रसंता का आधार मानव निर्मित संसाधन हो गए हैं तथा ईश्वर प्रदत्त संसाधन मात्र हमारी लिप्सा का माध्यम बनकर रह गए हैं । मोबाइल फोन की आभासी दुनिया,युवाओं को ही नहीं अपितु प्रोढ व बुजुर्गों को भी अपने शिकंजे में ग्रस्त करती जा रही है । कलयुग तात्पार्य कल पुर्जों का युग है और मानव जो इनका निर्माता है अनभिज्ञता में इनका गुलाम बनता जा रहा है । क्या वास्तव में सफलता का अर्थ सिर्फ करोड़ों का पैकेज या नई नई तकनीकी का विकास ही है , यदि यह सत्य होता तो दुनिया में असंतुष्टि निराशा और असहनशीलता व हिंसात्मक विचार नहीं होते प्रकृति में असंतुलन नहीं होता और प्राकृतिक आपदाओं के सामने विकास घुटने नहीं देखता । क्या ज्ञानी होने के लिए संपूर्ण विश्व को जानना जरूरी है ? क्या सामाजिक होने के लिए हजारों फॉलोअर्स होना जरूरी है या चार अच्छे पड़ोसी या दो सच्चे मित्र आपकी सामाजिकता को प्रमाणित नहीं कर सकते ? सृजनात्मक के स्थान पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण बढ़ता जा रहा है ,क्योंकि हम प्रतिपल विचारों के चक्रव्यूह में फंसे रहते हैं ।

वर्तमान परिस्थितियों में दोस्तों के साथ समय बिताना,चौपाले लगाना ,पिकनिक पर जाना ,बच्चों के खेल बहुत कम होते जा रहे हैं । यहां वह भी समय होता था जब हम निर्विचार अवस्था में होते थे तथा अपने आसपास के वातावरण का आनंद लेते थे । निर्विचारता ही वह स्थिति है , जहां हम वास्तविक आनंद को अनुभव कर सकते हैं । प्रकृति को निहारना ,कलाओं को विकास करना, नृत्य व संगीत का अभ्यास करना हमें विचार रहित जागरूकता प्रदान करता है और हम परमात्मा से एकाकार होने की ओर अग्रसर होते हैं सहज योग हमें श्रृष्टि से जोड़ता है ,सहज योग की साधना से हमें कुछ भी छोड़ना नहीं है वरना जो छूट गया है उसे पाना है । आनंद संतुष्टि संतुलन प्रेम और स्वयं को पाना ही सहज योग है ।

सहज योग हमें निरंतर विचारों से कृत्रिम बता से दिखावटी पन से छद्म सफलताओं से निराशा से तनाव से जातिगत भेदभाव से कर्मकांड व कट्टरता से वह कृत्रिम संसाधनों की गुलामी से मुक्त कर देता है। सहज योग निशुल्क है और इस को सीखने व करने के लिए कोई भी शुल्क नही दिया जाता इस के लिए किसी जाति विशेष का होना तथा लिंग भेद पर कार्य नही किया जाता है । इस को पाने के लिए ऑन लाईन टोल फ्री नम्बर 18002700800 पर काल करके अपने घर पर भी किया जा सकता है ।










