शिमला 16 मार्च,
हिम नयन न्यूज/ ब्यूरो
दुनिया में बढते तनाव के चलते शांति प्राप्ति के लिए सहजयोग की संस्थापक माता जी श्री निर्मला देवी का 100वा जन्म वर्ष होनेके चलते दुनिया भर के सहजयोगी उनके जन्म दिवस पर पूरी दुनिया में घ्यान व पूजा का आयोजन किया जा रहा है । इस विशेष अवसर पर हिम नयन न्यूज ने भी उनके जीवन से जुडी संक्षिप्त कुछ घटनाओ का संकलन अपने पाठको के लिए किया है ।

परम पूज्य श्री माताजी निर्मला देवी का जन्म 21 मार्च 1923 को छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश में हुआ श्री माताजी के वंशज शालीवाहन वंश से संबंधित है जन्म के समय श्री माताजी के निष्कलंक स्वरूप को देखकर उनको निर्मला नाम दिया श्री माताजी के माता-पिता ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई श्री माताजी का बाल्यकाल महाराष्ट्र के नागपुर पर बिता युवा काल में श्री माताजी ने स्वतंत्रता आंदोलन में भी भाग लिया अथवा गांधी आश्रम में भी रहे महात्मा का ईजी भी श्री माताजी से आध्यात्मिक सलाह दिया करते थे श्री माताजी तो जन्म से ही मनुष्य के संपूर्ण नारी तंत्र का ज्ञान था और सभी ऊर्जा केंद्रों चक्र से भी परिचित थी परंतु इस संपूर्ण ज्ञान को वैज्ञानिक आधार देने तथा वैज्ञानिक शब्दावली के अध्ययन हेतु श्री माताजी ने आयुर्वेदिक आयुर्विज्ञान एवं मनोविज्ञान का अध्ययन किया भारत की स्वतंत्रता से कुछ पहले 1947 में श्री माता जी का विवाह श्री चंद्रिका प्रसाद आईएएस के साथ हुआ जो बाद में भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के संयुक्त सचिव रहे श्री चंद्रिका प्रसाद जी को पद्मश्री पदम विभूषण से भी सम्मानित किया गया 5 मई 1970 को श्री माताजी सहस्त्रार खोलकर राज्यों की शुरुआत की सहज योग द्वारा साधक अपने शरीर पर परमात्मा की प्रेम की शक्ति का अनुभव कर सकता है अपने जीवन काल में श्री माताजी ने 80 से ज्यादा देशों में सत्या साधकों को आत्मसाक्षात्कार प्रदान कर सहयोग की स्थापना की तथा श्री माताजी ने पूरे विश्व में शांति व प्रेम स्थापित करने के लिए कार्य किया श्री माताजी को दो बार विश्व शांति के लिए नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया सहज योग कोई भी जाती कोई भी धर्म के लोग बिना भेदभाव के कर सकते हैं श्री माताजी ने पूरे विश्व में भारतीय अध्याय संस्कार संस्कृति को प्रसार किया विश्व में लाखों लोग सहज योग ध्यान पद्धति से लाभान्वित हो रहे हैं

हिमाचल प्रदेश में भी सैकडो लोगो ने उनके आर्शिवाद से आत्मसाक्षात्कार प्राप्त किया है और अपने जीवन को सहज स्भाव में यापन करके शॉति प्राप्त की है । आत्मसाक्षात्कार से परमात्मा के साम्राज्य का साक्षात्कार है जो सहज ही आर्शिवादित किया गया है । शांति मई प्रेम मई करुणामई योग प्रदायिनी मां को कोटि.कोटि प्रणाम !
आप सभी भी निशुल्क अपने घर पर रहे कर आत्मसाक्षात्कार प्राप्त कर सकते है । टोल फ्री नम्बर 18002700800 पर काल करके निशुल्क आत्मसाक्षात्कार प्राप्त करे ।










