एमबीबीएस छात्रों की करतूत 14 साल पुराने अमन काचरू प्रकरण से सबक नहीं
कांगडा 21 सितम्बर,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो/ नयना वर्मा

टांडा मेडिकल कालेज (टीएमसी) में एक बार फिर रैगिंग का भूत जागा है। टीएमसी में एमबीबीएस के आठ सीनियर प्रशिक्षु डाक्टरों ने नए बैच के प्रशिक्षु डाक्टरों की रैगिंग इस तरह कर डाली कि प्रशिक्षु डाक्टरो को नंगा कर दिया । बताया जा रहा है कि सीनियर प्रशिक्षु डाक्टरों ने जूनियर प्रशिक्षुओं को कुछ असाइनमेंट दी थीं, जिन्हें करने से इन्होंने मना कर दिया। इसके बाद सीनियर प्रशिक्षु डाक्टरों ने जूनियरों के कपड़े उतरवा दिए और उनकी रैगिंग की।
मामला गत रविवार का है। घटना के बाद जूनियर सहम गए, लेकिन दो प्रशिक्षु डाक्टरों ने हिम्मत जुटाकर टांडा मेडिकल कालेज प्रशासन व प्रधानाचार्य कार्यालय में शिकायत दर्ज कर दी। प्रशासन ने तुरंत एंटी रैगिंग कमेटी में इस मामले को रखा तथा रैगिंग करने वाले एमबीबीएस बैच 2020 व 2022 के आठ प्रशिक्षु डाक्टरों पर 50.50 हजार का जुर्माना लगाया और उन्हें तीन महीनों के लिए क्लासेज से निष्कासित करने के साथ. साथ छह महीनों के लिए होस्टल से भी निष्कासित कर दिया। 50 हजार की जुर्माना राशि को सात दिनों के भीतर जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
याद रहे कि 2009 के अमन काचरू रैगिंग प्रकरण के 14 साल बाद इसी कालेज में यह प्रकरण सामने आया है जिस से लगता है कि इन डाक्टर छात्रो ने उस प्रकरण से भी कोई सबक नही लिया । और प्रशिक्षु डाक्टरो को नग्न कर उनकी रैगिंग कर डाली । गनिमत रही कि जूनियर प्रशिक्षु डाक्टर प्रशासन से शिकायत करने की हिम्मत कर दी वरना यह मामला बिगड़ भी सकता था।
हैरान कर देने वाली बात है कि पूरे भारत को झकझोर देने वाले अमन काचरू प्रकरण के बाद भी टीएमसी में ऐसा रैगिंग का मामला सामने आया है। तब सात मार्चए 2009 को टीएमसी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के 19 वर्षीय प्रशिक्षु डाक्टर अमन काचरू को होस्टल में रैगिंग के दौरान उसके सहपाठियों संग चार वरिष्ठ छात्रों ने बुरी तरह पीटा था।