/आध्यात्मिक जागृति और उत्थान की क्षमता प्रत्येक मनुष्य के भीतर कुण्डलिनी के रूप में विघ्यमान -सहज योगी राहुल लाम्बा

आध्यात्मिक जागृति और उत्थान की क्षमता प्रत्येक मनुष्य के भीतर कुण्डलिनी के रूप में विघ्यमान -सहज योगी राहुल लाम्बा

शिमला 25 सितम्बर,
हिम नयन न्यूज/ ब्यूरो /नयना वर्मा

आध्यात्मिक जागृति और उत्थान की क्षमता कुंडलिनी के रूप में प्रत्येक मनुष्य के भीतर है। कुंडलिनी को सहज योग की एक अनूठी जीवित प्रक्रियाए जिसे आत्म.साक्षात्कार कहा जाता हैए के माध्यम से जागृत किया जा सकता है । यह अनोखी खोज परम पूज्य श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा 1970 में की गई है।


सहज योग ध्यान वह तकनीक है जिसे श्री माताजीने आत्म.साक्षात्कार के माध्यम से जागृत अनुभव को बनाए रखने के लिए विकसित किया है। सहज शब्द का अर्थ है श्सहजश् और श्आपके साथ पैदा हुआश्ए जो इस सूक्ष्म ऊर्जा ;कुंडलिनीद्ध जो हर इंसान में मौजूद है उसको परिभाषित करती है।

बहुत कम उम्र सेए श्री माताजी ने सक्रिय रूप से अपने आसपास की दुनिया प्रभाव डालना शुरू कर दिया था। एक छोटी लड़की के रूप में उन्हेंने घर की जिम्मेदारी लीए उनके माता.पिता भारतीय स्वतंत्रता के संघर्ष में शामिल भी थे। वे अपने किशोरावस्था में भी इस आंदोलन में शामिल थे। वह अपने परिवार की देखभाल ए करने में तत्पर थे लेकिन उनकी चिंता पारिवारिक दायरे तक सीमित नहीं थी। भारत में कहते हैं कीए “पूरी दुनिया दुनिया एक परिवार है”।

सहज योग में रचनात्मकताए फोकस, उत्पादकता और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होता है। सहज योग में ध्यान का निरंतर अभ्यास आपको अपनी भावनाओं को आत्म.विनियमित करने और जीवन के तनाव पर प्रतिक्रिया करने के बजाय चिंतनशील तरीके से प्रतिक्रिया करने में मदद करके भावनात्मक स्थिरता को बढ़ाता है।


सहज योग पर न्यूरोफिज़ियोलॉजी, समाजशास्त्र और रसायन विज्ञान और कृषि के क्षेत्र में कई शोध किए गए हैं। इस तरह के शोध ने सहज योग के सकारात्मक प्रभावों को वैज्ञानिक रूप से सत्यापित किया ।

यह जानकारी देते हुए सहज योगा के हिमाचल समन्वयक राहुल लाम्बा ने बताया कि सहज योग ध्यान कक्षाएं दुनिया भर के 80 से अधिक देशों में आयोजित की जाती हैं और हमेशा निःशुल्क प्रदान की जाती हैं ।

उन्होने बताया कि हिमाचल के धर्मशाला के तालू में सहजयोगा इन्टरनेशनल पब्लिक स्कूल भी चल रहा है जहां दुनिया भर के बच्चे आ कर अपनी पढाई के साथ साथ अपनी अध्यात्मिक यात्रा की शुरूआत भी करते है और उनके माता पिता उनके भविष्य की चिन्ताओ से मुक्त होते है । सहजयोगा का नियमित ध्यान करने से वर्तमान काल के तरह तरह के नशे व कुव्यसनो से बच्चो को बचाया जा सकता है ।


उन्होने बताया कि हिमाचल में भी राजधानी से ले कर लगभग हर जिले में सहजयोग किया जा रहा है इस को सीखने के लिए किसी भी तरह का कोई भी शुल्क व बन्धन नही है । आपके आने वाली पीढी के लिए सहज योगा ही नशा मुक्ती व सही मार्ग दर्शन का एक मात्र रास्ता है । सहज योगा राज्य समन्वयक राहुल लाम्बा तथा अन्य सहज येागी आप को निशुल्क सहज सिखाने के तत्पर है आप कभी भी इन लोगो के दूरभाष पर सम्पर्क करके कोई भी जानकारी ले सकते है हिमाचल में सहजयोगा के राज्य समन्वयक राहुल लाम्बा जिनका नम्बर 94181 55252 शिमला के विनोद कपूर 98163 62962 रोहडू के दिनेश पाप्टा 82192 43364 सोलन के हन्नी वर्मा 94180 37575 तथा कमल चौहान के सम्पर्क नम्बर 70183 41089 पर सम्पर्क करके आप भी निशुल्क आत्मसाक्षात्कार प्राप्त कर सकते है । सहजहयोगा के बारे में जानकारी के लिए टोल फ्री नम्बर 18002700800 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है ।