शिमला 16 अक्तूबर,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो

भाषा एवं संस्कृति विभाग शिमला तथा किकली चैरिटेबल ट्रस्ट शिमला के सौजन्य से दिनांक गत 14 अक्टूबर तथा 15 अक्टूबर 2023 को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में बाल रंग मंच महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश के चुनिंदा लेखकों में से 15 कहानियों का चयन कर, नाटक में परिवर्तित किया गया ।
मिली जानकारी के मुताबिक इन नाटकों का मंचन हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्कूलों द्वारा 14-15 अक्टूबर को गेयटी थिएटर शिमला में किया गया ।इस अवसर पर नालागढ़ के साहित्यकार प्रो. रणजोध सिंह द्वारा रचित कहानी ‘ कैंथ का पेड़ ’ भी उपरोक्त प्रतियोगिता के लिए चयनित हुई, जिसका नाटकीय मंचन दिनांक 14 अक्टूबर, 2023 को यहां गेयटी थिएटर शिमला के गोथिक हाल में मोनाल पब्लिक स्कूल संजोली (शिमला) द्वारा किया गया।
इस नाटक को बेस्ट परफॉर्मेंस की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला बेस्ट प्रोडक्शन डिज़ाइन का इनाम भी इसी नाटक का दिया गया। पुरुष वर्ग में बेस्ट अभिनेता का इनाम इसी नाटक में नोकर के रूप में काम करने वाले पियुष चंदेल को दिया गया। इसके इलावा इस नाटक के पात्रों को 15,500/ रुपए की नगद राशि भी बतौर इनाम में दी गई।

नाटय रूपांतरित यह कहानी बच्चों के मनोविज्ञान पर लिखी गई मार्मिक रचना है, जिसके लिय प्रो.रणजोध सिंह को आयोजक कुमुद कुमार मिश्रा ,सुनील सिन्हा और एम के रैना द्वारा सम्मानित किया गया, जो नालागढ़ के लिए हर्ष का विषय है| प्रो.रणजोध सिंह नालागढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार हैं। प्रो. रणजोध सिंह की अनेकों, कहानियाँ, लघु कथाएं, कवितायेँ तथा व्यंग्य लेख देश के विभिन्न समाचार पत्रों तथा साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं।
यहां शिमला में बेहतर नाट्य रूपांतरित कहानी ने जहां वहावाही लूटी तथा बेहतर स्थान ग्रहण किया उधर नालागढ़ साहित्य कलामंच ने प्रो.रणजोध सिंह को बधाई देते हुए कहा है कि उनकी इस उपलब्धि से मंच का कद उंचा हुआ है।











