/निजी अस्पताल के इलाज पर कौन उठाएगा सवाल ? ढांग के 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत का कौन है जिम्मेदार ?

निजी अस्पताल के इलाज पर कौन उठाएगा सवाल ? ढांग के 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत का कौन है जिम्मेदार ?

सोलन जिले के औधोगिक नगरी बीबीएन में 60 वर्षीय व्यक्ति की डेंगू से मौत।


शिमला 25 अक्तूबर,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो/ नयना वर्मा

हिमााचल में औधोगिक नगरी बीबीएन में बढती आबादी के चलते लोग यहां इलाज के लिए लोग प्राईवेट अस्पतालो की शरण लेते है । बीबीएन में प्राईवेट अस्पतालो की संख्या में भी भारी वृघ्दि हुई है, लोगो की माने तो यह ,यहां सरकार की ओर से मुहैया करवाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओ का टोटा मुख्य कारण है ,यहां के मरीजो की संख्या के अनुरूप यहां सरकारी अस्पतालो में साधन व स्थान नही है जहां सभी का इलाजा किया जा सके । इस लिए लोग प्राईवेट अस्पतालो की शरण लेने के लिए मजबूर होते है ।

गत दिवस नालागढ के ढांग निवासी 60 वर्षीय व्यक्ति की डेंगू के चलते मौत हो गई जिस की जिम्मेबारी सरकारी व्यवस्थाओ के अभाव को माना जा सकता है ।

जानकारी के मुताबिक इस मरीज को बद्दी में प्राईवेट अस्पताल में इलाज करवाया गया जहां उसके पेटेलटस कम होने से रोक दिए गए और उसे घर भेज दिया गया ।

मरीज की घर आने पर उसके पेटलेटस बढे या कम हुए इस का किसी को कोई पता नही चला और गत रात छाती में दर्द की शिकायत बढने के कारण उसे सरकारी अस्पताल लाया गया जहां उसे लाने से पहले मृत घोषित करके शव को परिवार जनो को सौप दिया गया ।

सरकारी स्वास्थ्य अधिकारियो की माने तो इस में सरकारी अस्पताल की कोई गल्ती नही है मरीज को मृत अवस्था में लाया गया जिस का इलाज सम्भव नही था । इस से पहले का इलाज सरकारी अस्पताल में नही हुआ है जिस की जांच करवाई जाए कि किसी बिमारी के लिए किस तरह का डाईगनोज किया गया या बिमारी की हालत में अस्पताल से छुट्टी क्यो दी गई ।

इन सवालो का जुबाव किसी के पास नही है और किसी के घर का बुजुर्ग चल बसा ।लोग चीखते चिलाते रहते है लेकिन सरकार के कान पर जूं नही रेगती । नालागढ में स्वास्थ्य सेवाओ को बढाने के लिए वर्षो से मांग की जाती रही है और आज भी जारी है लेकिन कोई सुनने वाला नही है यहां के नेता गण भी स्वास्थ्य सुविधाओ के लिए सरकार से गुहार लगाते लगाते अपने कार्यकाल पूर्ण कर के चले जाते है लेकिन आम जन के लिए आज भी वही हालात है । जिसका सीधा लाभ प्राईवेट अस्पतालो को मिल रहा है ।

मजेदार बात यह है कि सोलन जिले से स्वास्थ्य मन्त्री बनते ही आ रहे है भाजपा के कार्यकाल में भी सोलन को ही स्वास्थ्य मन्त्री मिले थे अब कांग्रेस के राज में भी सोलन से ही स्वास्थ्य मन्त्री है और स्वास्थ्य सेवाओ की बेहतरी के लिए नालागढ के लोग आज भी तरस रहे है