सम्मेलन स्वास्थ्य नेतृत्व, नवाचार और प्रशासनिक उत्कृष्टता पर संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच
चंडीगढ़ 24 अप्रैल,
हिम नयन न्यूज/ ब्यूरो /वर्मा
पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के अस्पताल प्रशासन विभाग द्वारा आयोजित तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन HART 2025 आज उत्साहपूर्वक प्रारंभ हुआ। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देश भर के 90 से अधिक मेडिकल कॉलेजों और 20 राज्यों से आए 500 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। यह सम्मेलन स्वास्थ्य नेतृत्व, नवाचार और प्रशासनिक उत्कृष्टता पर संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है।
इस समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री एवं रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित डॉ. प्रकाश मुरलीधर आमटे रहे, जो अपनी प्रसिद्ध पत्नी डॉ. मंदाकिनी आमटे के साथ पधारे। यह जोड़ी महाराष्ट्र के हेमालकसा स्थित ‘लोक बिरादरी प्रकल्प’ के माध्यम से अपने परिवर्तनकारी कार्यों के लिए जानी जाती है।
अपने उद्घाटन भाषण में डॉ. आमटे ने भावुक अनुभव साझा करते हुए उपस्थित लोगों को करुणा और ईमानदारी से सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “हमने जंगल में रहकर वहाँ के लोगों की भाषा सीखी, उनके साथ दुख-सुख बांटा और उनका विश्वास जीता। यह दान नहीं था, यह आपसी सम्मान था।”

अपने 51 वर्षों के सेवा सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा, “जब हम हेमालकसा पहुंचे, तब वहाँ न सड़क थी, न बिजली, न कोई स्वागत करने वाला। हमने पेड़ों के नीचे मरीजों का इलाज शुरू किया और धीरे-धीरे विश्वास का एक रिश्ता बनाया। हमने कोई साम्राज्य नहीं बनाया—हमने केवल उस पीड़ा का उत्तर दिया जो हमने देखी।”
उन्होंने यह भी बताया कि कैसे स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ शिक्षा और वन्य जीवन संरक्षण भी उनके सेवा मिशन का हिस्सा बना।
सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि प्रो. ए.के. गुप्ता, अध्यक्ष एम्स बठिंडा एवं पूर्व चिकित्सा अधीक्षक पीजीआईएमईआर ने अस्पताल प्रशासकों की बदलती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “अस्पताल केवल ईंटों से नहीं, बल्कि दृष्टि, साहस और एक प्रेरित टीम से बनते हैं।”
सम्मेलन के सह-अध्यक्ष एवं पीजीआईएमईआर के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अशोक कुमार ने कहा, “हमारे कार्य में धैर्य, गुणवत्ता और नवाचार का संतुलन ज़रूरी है।” उन्होंने प्रतिभागियों को ‘Innovate. Integrate. Elevate.’ विषयवस्तु को आत्मसात करने का आह्वान किया।
पीजीआईएमईआर के चिकित्सा अधीक्षक एवं आयोजन अध्यक्ष प्रो. विपिन कौशल ने स्वागत भाषण में साझा ज्ञान और संवाद के ज़रिये भारत के स्वास्थ्य तंत्र को सशक्त बनाने की आशा जताई।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. पंकज अरोड़ा और डॉ. सारू सेठी ने कुशलतापूर्वक किया।
इसके बाद तकनीकी सत्रों की शुरुआत हुई। पहले सत्र “प्रोटोकॉल से प्रैक्टिस तक: मरीज़ सुरक्षा संस्कृति को ऊँचा उठाना” का संचालन डॉ. श्वेता तलाटी ने किया, जिसमें पीजीआईएमईआर, एम्स भुवनेश्वर और राष्ट्रीय मरीज़ सुरक्षा सचिवालय के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
दूसरे सत्र “बेहतर स्वास्थ्य के लिए ब्लूप्रिंट्स” का संचालन डॉ. नवनीत ढिल्लों ने किया, जिसमें एम्स फरीदाबाद, एम्स मंगलगिरी और अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने अस्पताल डिजाइन में नवाचार की भूमिका पर चर्चा की।
अंतिम सत्र “केयर टेक सॉल्यूशंस: उन्नत तकनीक और अस्पताल संचालन” का संचालन डॉ. श्रुति शर्मा ने किया, जिसमें स्वास्थ्य तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला में तकनीकी नवाचारों पर चर्चा हुई।
90 से अधिक मेडिकल कॉलेजों और 20 राज्यों के प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ HART 2025 आगामी 26 अप्रैल तक जारी रहेगा, जिसमें डिजिटल स्वास्थ्य, अस्पताल अवसंरचना, मरीज़ सुरक्षा, कानूनी ढांचे और टिकाऊ प्रशासन मॉडल जैसे प्रमुख विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।










