/हिमाचल की राजधानी शिमला में बढ़ते यातायात जाम से थमती जिंदगियां।

हिमाचल की राजधानी शिमला में बढ़ते यातायात जाम से थमती जिंदगियां।

शिमला 26 मई,
हिम नयन न्यूज/ब्यूरो/वर्मा

हिमाचल की राजधानी शिमला में बढ़ती जनसंख्या व वाहनों की संख्या के चलते लगनेवाले लंबे लंबे यातायात जाम के कारण लोगों का जीवन भी थामने सा लगा ही है लेकिन इस तरह के घंटों जाम में फंसने के कारण उत्पादकता पर भी विपरीत प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।

शिमला राजधानी होने के कारण यहां सरकार के काम पर भी इस यातायात जाम का प्रभाव देखने को मिल रहा है।

कार्य दिवस पर शिमला के सभी उप नगरों से आने जाने वालों के लिए यातायात जाम आम सी बात हो गई है।
हिमाचल सरकार ने टूटी कांडी बाई पास से ट्राली व्यवस्था की योजना कई सालों से कागजों में बना कर रखी है परंतु आज तक सिरे नहीं चढ़ पाई है।

सुक्खू सरकार ने शिमला में बढ़ते आबादी के व यातायात के दबाव को देखते हुए यहां से सरकारी कार्यालयों को धर्मशाला स्थानांतरित करने की घोषणा भी की है लेकिन यह भी अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है।

सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति के अभाव में इस बढ़ते जाम का प्रभाव समाज के साथ साथ सरकार को भी झेलना पड़ रहा है।


लोगों से बात करने पर लोगों ने अपने दर्द का इजहार करते हुए बताया कि यह जाम हर रोज का है इस में जीवन का बहुमूल्य समय बरबाद हो रहा है।

सरकारें आती जाती रहेंगी लेकिन समाज को पीछे धकेलने वाले इस तरह के अहम फैसलों पर सरकार को शीघ्र गौर करना चाहिए ।