सोलन 3 सितम्बर,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ साभार मनमोहन सिंह
पिछले दो मैचों में ढीला ढाला प्रदर्शन करने वाली भारतीय हॉकी टीम ने लगता है कुछ लाय पकड़ ली है। उसने अपने अंतिम लीग मैच में कजाकिस्तान को 15-0 से हरा कर पूरे अंक हासिल कर लिए। यह बात ठीक है कि कजाकिस्तान पहली बार भारत में खेल रही काफी नई और कमज़ोर टीम है पर भारत ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। सबसे बड़ी बात यह कि टीम के केवल टीम खिलाड़ियों को छोड़ बाकी सभी आठ खिलाड़ियों ने गोल किए हैं।
इनमें से तीन खिलाड़ियों अभिषेक, सुखजीत और जुगराज ने तो तिकड़ी बनाई। सुखजीत को ‘मैन ऑफ़ द मैच’ भी चुना गया। अभिषेक ने चार, जुगराज और सुखजीत ने तीन तीन गोल किए। और बाकी पांच खिलाड़ियों ने एक एक गोल बनाया। इसके अलावा बहुत लंबे समय के बाद शायद यह पहला मैच है जिसमें भारत पर कोई गोल नहीं हुआ।
टीम की कई कमजोरियां आज भी नोटिस की गईं पर उम्मीद है कि सुपर 4 के मैचों में उनमें भी सुधार हो जाएगा।

भारत ने अपने लीग मैचों में कुल 22 गोल किए पांच खाए। पहले दो मैचों में केवल एक फील्ड गोल करने वाले भारत ने इस मैच में फील्ड गोलों की बरसात कर दी।
अभिषेक ने चार गोल बनाए। अब सुपर 4 में भारत का पहला मुकाबला दक्षिण कोरिया के साथ होगा। हालांकि दक्षिण कोरिया पिछला चैंपियन है पर इस बार उसका प्रदर्शन कोई खास अच्छा नहीं रहा।
पूल मैच में भी वह मलेशिया से 1-4 से हर गया था। भारत के सामने चुनौती कड़ी होगी पर अगर भारत ने अपनी मध्य पंक्ति का सही इस्तेमाल कर दिया तो काम कठिन भी नहीं होना चाहिए। मेरे विचार में भारत को सबसे बड़ी चुनौती मलेशिया से मिलने वाली है।
यह टीम जिस तरह से अब तक खेली है वह कमाल का है। अपने आखिरी लीग मैच में उसने भी चाइनीज ताईपे को 15-0 से हराया है। उनका स्टिक वर्क और तालमेल बहुत प्रभावित करता है।
भारत की टीम ने करवट बदल ली है। लगता है हिमालय पिघलने लगा है।









