/अपने शिक्षकों के कर्जदार हैं हम

अपने शिक्षकों के कर्जदार हैं हम

सोलन 5 सितंबर,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ साभार मनमोहन सिंह

हम कृतज्ञ हैं सभी शिक्षकों के जिन्होंने न केवल हमें स्कूली पाठ्यक्रम की शिक्षा दी बल्कि जीने का सलीका भी सिखाया। आज डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस है। वे स्वयं एक अध्यापक थे इसलिए उन्हें मालूम था कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में एक शिक्षक का महत्व क्या होता है।

वैसे भी कहते हैं कि बिना गुरु के ज्ञान नहीं मिलता।


आज के दिन मुझे वो सारे शिक्षक याद आ रहे हैं जिन्हों ने मुझे प्राथमिक विद्यालय से लेकर कॉलेज तक पढ़ाया। इन में दुर्गावती और विद्यावती की मुझे अच्छी तरह से याद है जिन्होंने मुझे पांच साल की उम्र में, जब मैने स्कूल में पहला कदम रखा था, पढ़ना शुरू किया।

इसके बाद प्रीतम कौर, अजमेर सिंह, हेतराम, हेड मास्टर सुरेन सिंह, प्रेम सागर सभी याद हैं। एक दो अध्यापक जिनकी सूरत मेरे जहन में है पर नाम याद नहीं आ रहे।

इसके बाद सातवीं क्लास में प्यारा सिंह, पीटीआई अमर सिंह, रणधीर सिंह सेखों, रक्षा शर्मा, आर पी शारदा, श्रीनिवास, हेड मास्टर दलीप सिंह सेठी और लखबीर सिंह जैसे अध्यापक हमारे स्कूल में हमें पढ़ाते रहे।


कॉलेज में ए आर चौहान, जोगिंदर सिंह, प्रोफेसर मालिक, संतोष कुमार, सुधीर जोशी, डीपीई जे के वर्मा, डीपीई डी सी शर्मा, जीत राम चौहान और प्रोफेसर भारद्वाज ने हमें इस लायक बनाया कि हम जीवन की हर लड़ाई को जीत पाए। मैं इन सभी का कर्ज़दार हूं।

यह एक ऐसा कर्ज़ है जो कभी चुकाया नहीं जा सकता। आज बस इतना ही कह सकता हूं कि आप सभी ने मेरा जीवन सार्थक कर दिया। इस अहसान का बदला कभी चुकाया नहीं जा सकता।