नई दिल्ली, 9 सितम्बर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।
महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को आज भारत का 15वां उपराष्ट्रपति चुना गया। संसद भवन में आयोजित मतदान प्रक्रिया में उन्हें 452 मत मिले, जबकि विपक्षी INDIA ब्लॉक के उम्मीदवार, पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायमूर्ति बी. सुडर्शन रेड्डी को 300 मत प्राप्त हुए।
कुल 767 सांसदों ने मतदान किया, जिनमें से 752 मत वैध पाए गए और 15 मत अमान्य घोषित हुए। जीत के लिए आवश्यक 391 मतों से कहीं अधिक समर्थन पाकर राधाकृष्णन ने यह चुनाव आसानी से जीत लिया।
राज्यसभा महासचिव एवं उपराष्ट्रपति चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर पी.सी. मोदी ने परिणाम की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राधाकृष्णन को लगभग 60 प्रतिशत वोट हासिल हुए हैं, जबकि विपक्ष को करीब 40 प्रतिशत वोट मिले।
चुनाव में किसी बड़े उलटफेर की संभावना पहले से ही कम मानी जा रही थी क्योंकि भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास संसद के दोनों सदनों और विधानसभाओं में पर्याप्त बहुमत मौजूद है। विपक्ष ने हालांकि क्रॉस-वोटिंग की उम्मीद में मुकाबले को कड़ा बनाने की कोशिश की, लेकिन परिणाम NDA के पक्ष में ही रहा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
सी.पी. राधाकृष्णन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के रूप में लंबे समय से संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। वे 31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे। उनका चयन दक्षिण भारत से OBC समुदाय के एक प्रतिनिधि के रूप में NDA की रणनीतिक सोच को भी दर्शाता है।
संवैधानिक भूमिका
भारत के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं और राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाते हैं। राधाकृष्णन का शपथ ग्रहण आगामी दिनों में राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया जाएगा।
इस परिणाम ने एक बार फिर NDA की मजबूत राजनीतिक स्थिति को रेखांकित किया है और उपराष्ट्रपति पद पर उसके वर्चस्व की पुष्टि की है।









