/“बरसों पुरानी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी”

“बरसों पुरानी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी”

— डॉ. सुरेंद्र डोगरा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मिला PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह से

सुजानपुर 20 नवंबर ,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा

सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र की दशकों पुरानी समस्याओं के समाधान की उम्मीद एक बार फिर जाग उठी है।

गुरुवार को निस्वार्थ भाव संगठन, मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष और संयुक्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र डोगरा के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों का प्रतिनिधिमंडल लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मिला।

प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की सबसे गंभीर व लंबे समय से उपेक्षित समस्याओं को मंत्री के समक्ष विस्तार से रखा।

मिली जानकारी के मुताबिक़ प्रतिनिधियों ने बताया कि क्षेत्र में चार प्रमुख सड़कें ऐसी हैं, जिनकी हालत लगभग 80 साल से बदहाल है। कई गांव आज भी एंबुलेंस मार्ग तक से वंचित हैं, जिसके कारण आपात स्थितियों में लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

सुजानपुर के अंतिम छोर चबूतरा गांव के ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से सरकारी भूमि न होने का हवाला देकर कार्य रोका जाता रहा, जबकि वास्तविकता यह है कि यहां राजस्व भूमि उपलब्ध है।

इकलौता पक्का रास्ता भी अब टूट-फूटकर पूरी तरह असुरक्षित हो चुका है।

इस वर्ष क्षेत्र में हुए भारी भूस्खलन से कई परिवारों के घर ढह गए और लोग बेघर हो गए।

प्रभावित परिवारों ने मंत्री से मुलाक़ात कर राहत और स्थायी समाधान की गुहार लगाई।

PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह के सुजानपुर पहुंचने पर डॉ. डोगरा व प्रतिनिधिमंडल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस दौरान समाजसेवी संजय शर्मा “बड़का भाऊ” सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुलाक़ात को सकारात्मक बताते हुए डॉ. सुरेंद्र डोगरा ने कहा कि मंत्री ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना है और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि सुजानपुर में वर्षों से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा और वर्तमान विधायक कैप्टन रंजीत सिंह की मौजूदगी के बावजूद कई मूलभूत समस्याएँ अनसुलझी रहीं, लेकिन अब क्षेत्र की जनता को विश्वास है कि इन पुरानी समस्याओं का वास्तविक समाधान संभव है।

ग्रामीणों का मानना है कि जिन मुद्दों को वर्षों से नज़रअंदाज़ किया जाता रहा, उन्हें पहली बार डॉ. डोगरा ने इतनी दृढ़ता और संगठित ढंग से सरकार के सामने रखा है।

लोगों की माने तो अब लोगों में यह उम्मीद बढ़ी है कि अब सुजानपुर की उपेक्षित समस्याएँ प्राथमिकता पर हल हो सकती हैं।