चंडीगढ़ 20 नवम्बर,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।
PGIMER, चंडीगढ़ में राष्ट्रीय कर्मयोगी बड़े पैमाने जन सेवा कार्यक्रम (RKLSJSP) फेज-2 के अंतर्गत मास्टर ट्रेनर्स के लिए आयोजित दो तीन-दिवसीय कार्यशालाएं सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। ये कार्यशालाएं 11–13 नवम्बर 2025 और 17–19 नवम्बर 2025 के बीच आयोजित की गईं।

इस प्रशिक्षण का आयोजन इल्युमाइन नॉलेज रिसोर्सेज के सहयोग से किया गया, जो इस कार्यक्रम के आधिकारिक नॉलेज पार्टनर हैं।

इन कार्यशालाओं में प्रतिभागियों को कार्यक्रम की डिज़ाइन, कार्यप्रणाली तथा प्रभाव मूल्यांकन ढांचे के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

तीन दिनों में आयोजित संरचित प्रशिक्षण सत्रों ने प्रतिभागियों को शासन व्यवस्था में बड़े पैमाने पर परिवर्तन लाने तथा फ्रंटलाइन सेवा वितरण को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए आवश्यक उपकरणों और दृष्टिकोण से सशक्त किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य पेशेवरों में संस्थागत क्षमता विकसित करना और उनके कार्य-व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना था, ताकि वे बड़े पैमाने पर नागरिक सेवा पहलों को आगे बढ़ा सकें। पहली कार्यशाला में 24 और दूसरी में 29 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें PGIMER के विभिन्न विभागों के संकाय एवं कर्मचारी शामिल थे।

सभी प्रतिभागियों को ‘परिवर्तन के उत्प्रेरक’ के रूप में कार्य करने हेतु गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यशाला का संचालन प्रमुख प्रशिक्षकों —
- डॉ. सुषमा कुमारी सैनी, एसोसिएट प्रोफेसर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एजुकेशन (PGIMER),
- डॉ. आशुतोष कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, NIPER, एसएएस नगर (मोहाली)
—द्वारा किया गया।

इसके अतिरिक्त, क्षमता निर्माण आयोग की प्रतिनिधि एवं RKY मेंटर सुश्री प्रियंका अरोड़ा ने कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का मार्गदर्शन श्री उम्मेद माथुर, नोडल अधिकारी, RKLSJSP एवं रजिस्ट्रार, PGIMER चंडीगढ़ द्वारा प्रदान किया गया।










