/श्रम संहिताओं के विरोध में नालागढ़ में मजदूर–किसान प्रदर्शन।

श्रम संहिताओं के विरोध में नालागढ़ में मजदूर–किसान प्रदर्शन।

राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा

नालागढ़, 26 नवम्बर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा।

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), सीटू, एटक व अन्य जनसंगठनों के आह्वान पर आज नालागढ़ में मजदूर–किसान संयुक्त विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।

यह प्रदर्शन ऐतिहासिक किसान आंदोलन के पाँच वर्ष पूरे होने पर केन्द्र सरकार की श्रम संहिताओं, महंगाई, बेरोजगारी और कॉरपोरेटिकरण के खिलाफ़ किया गया।

लगभग 200 मजदूरों, किसानों और श्रमिक महिलाओं ने भाग लेते हुए 21 नवंबर 2025 को 44 केंद्रीय श्रम कानूनों में से 29 कानून समाप्त कर चार श्रम संहिताएँ लागू करने के निर्णय को “मजदूर विरोधी” और “कॉरपोरेट-परस्त” बताया।

सीटू नेता मोहित वर्मा, दलजीत और अनिल कुमार ने कहा कि नई संहिताएँ ठेका-राज को वैध बनाती हैं, यूनियन पंजीकरण कठिन करती हैं, हड़ताल को दंडनीय और मालिकों को मनमानी का अधिकार देती हैं। एटक व किसान सभा नेताओं ने कहा कि किसान आंदोलन के वादे—MSP की कानूनी गारंटी, मंडी सुरक्षा व कर्ज़माफी—अब तक पूरे नहीं हुए और किसान-मजदूर दोनों पर संयुक्त हमला किया जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने चारों श्रम संहिताएँ रद्द करने, सभी फसलों पर कानूनी MSP, राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन ₹26,000, सामाजिक सुरक्षा, कर्ज़माफी, निजीकरण पर रोक तथा मनरेगा में 200 दिन काम सहित 10 प्रमुख मांगें रखीं।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर श्रम संहिताओं को वापस लेने और पुराने 44 श्रम कानून बहाल करने की मांग की।