नालागढ़ ( बद्दी) 27 नवम्बर
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा
औद्योगिक नगरी बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़) विकास प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोनाक्षी सिंह तोमर ने गुरुवार को बद्दी में जे.बी.आर. कंपनी द्वारा उपलब्ध करवाए गए दो आधुनिक कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इन वाहनों में गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग कंपार्टमेंट की व्यवस्था की गई है, जिससे शहर की कचरा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सीईओ सोनाक्षी सिंह तोमर ने बताया कि घर-घर से उठाया जाने वाला कचरा अब प्रारंभिक स्तर पर ही वाहनों में अलग कर दिया जाएगा, जिससे प्रोसेसिंग प्लांट में पहुंचने के बाद कचरे को अलग करने में लगने वाला समय और श्रम दोनों कम होंगे।
उन्होंने कहा कि पहले कचरे को एक ही वाहन में एकत्र कर केंदुवाल स्थित प्रोसेसिंग प्लांट में अलग किया जाता था, जिससे प्रक्रिया अधिक समय लेने वाली और संसाधन-प्रधान थी। नई प्रणाली से संचालन लागत घटेगी और पर्यावरणीय मानकों का बेहतर पालन सुनिश्चित होगा।
उन्होंने बताया कि दोनों वाहनों में विशेष खांचे बनाए गए हैं, जो सूखे और गीले कचरे की सुव्यवस्थित छंटाई को सुनिश्चित करेंगे। भविष्य में प्राधिकरण द्वारा ऐसे और वाहनों को बेड़े में शामिल करने व मौजूदा वाहनों को भी इसी प्रणाली के अनुरूप अपग्रेड करने की योजना है।

सीईओ ने शहरवासियों से अपील की कि वे अपने घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कर सौंपें, जिससे स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह पूरी व्यवस्था स्वच्छता कर से प्राप्त राजस्व के माध्यम से लागू की जा रही है, जिसे बिजली बिलों के जरिए विद्युत बोर्ड वसूलता है।
सोनाक्षी सिंह तोमर ने बताया कि कचरा संग्रहण की पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि प्रत्येक वाहन निर्धारित रूट और समय के अनुसार कार्य कर सके। उन्होंने जे.बी.आर. कंपनी को निर्देश दिए कि वाहनों में जीपीएस प्रणाली अनिवार्य रूप से स्थापित करें तथा कर्मचारियों को नई प्रणाली के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में कचरा उठाने में देरी होती है या कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है, तो नागरिक टोल फ्री नंबर 1800-202-0477 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा, जिससे ‘घर-द्वार कूड़ा उठाने’ की मुहिम को और अधिक प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।







