बेंगलुरू 8 दिसंबर,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा
इंडिगो एयरलाइन में पिछले एक सप्ताह से जारी बड़े पैमाने पर उड़ान रद्दीकरण और संचालन संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, पीएमओ लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और इंडिगो के सीईओ से नियमित रूप से संपर्क किया जा रहा है।
देशभर में हजारों यात्रियों को प्रभावित करने वाले इस संकट में पिछले सात दिनों में लगभग 4,500 उड़ानें रद्द की गई हैं। केवल सोमवार को ही करीब 500 उड़ानें रद्द हुईं। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु एयरपोर्ट सबसे अधिक प्रभावित रहे।
सरकार की त्वरित कार्रवाई
उड्डयन मंत्रालय ने हालात संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं—
डीजीसीए और मंत्रालय ने 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है, ताकि यात्री सहायता प्राप्त कर सकें।
सरकार ने एयरलाइंस को हवाई किरायों को नियंत्रित रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि संकट के बीच यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
इंडिगो से कहा गया है कि वह रद्द उड़ानों के रिफंड को तेजी से प्रोसेस करे। अब तक करीब ₹610 करोड़ का रिफंड जारी किया जा चुका है।
इंडिगो की प्रतिक्रिया
इंडिगो ने कहा है कि संचालन को सामान्य करने का प्रयास जारी है और उम्मीद जताई है कि 10 दिसंबर तक उड़ान सेवा सामान्य हो सकती है। एयरलाइन ने 5—15 दिसंबर के बीच रद्द या पुनर्निर्धारित टिकटों पर कैंसलेशन और री-शेड्यूलिंग शुल्क माफ कर दिया है।
संकट का कारण
सूत्रों के मुताबिक, नया फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) लागू करने में देरी और पायलट उपलब्धता में कमी इस संकट का मुख्य कारण है। इसके चलते बड़ी संख्या में उड़ानें निर्धारित समय पर संचालित नहीं हो सकीं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।








