मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी
शिमला 30 दिसम्बर,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/वर्मा
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और आर्थिक विकास को गति देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण एवं दूरगामी निर्णय लिए गए।

मंत्रिमंडल ने राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 53 पदों सहित कुल 174 पद भरने को मंजूरी दी, जिनमें टीचिंग, नॉन-टीचिंग फैकल्टी और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर के माध्यम से 600 असिस्टेंट स्टाफ नर्स के पद सृजित करने का निर्णय लिया गया।
एमडी और एमएस डिग्री धारक फैकल्टी डॉक्टरों को बेसिक पे का 20 प्रतिशत इंसेंटिव देने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
रोजगार सृजन की दिशा में जल शक्ति विभाग में जॉब ट्रेनी और जूनियर इंजीनियर (सिविल) के 40 पद, जबकि ग्रामीण विकास विभाग में खंड विकास अधिकारी के 10 पद सीधे भर्ती से भरने को मंजूरी दी गई। शिक्षा क्षेत्र में राज्य के 100 चिन्हित सीबीएसई स्कूलों के लिए एक समर्पित सब-कैडर गठित करने का निर्णय भी लिया गया।
सामाजिक सुरक्षा के तहत मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना का दायरा बढ़ाते हुए दिव्यांग अभिभावकों वाले बच्चों, टोंग-लेन स्कूल धर्मशाला में अध्ययनरत बच्चों तथा परित्यक्त बच्चों को योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने शीतलपुर में हिमाचल–चंडीगढ़ सीमा पर विश्व स्तरीय टाउनशिप विकसित करने, रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने हेतु हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियम-2017 में संशोधन और ऊना जिले के पालकवाह खास में एसडीआरएफ को स्थानांतरित करने को भी मंजूरी दी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए चरवाहों के लिए लचीली आजीविका परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं दुग्ध क्षेत्र के विकास के लिए नाहन, नालागढ़, मोहाल व रोहड़ू में दूध प्रसंस्करण संयंत्र, तथा विभिन्न जिलों में मिल्क चिलिंग व कूलिंग केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया। हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड लिमिटेड को 60 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट भी मंजूर की गई।
तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य के सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में फंक्शनल इक्विवेलेंस मॉडल अपनाने तथा बिलासपुर के घुमारवीं में मल्टीडिसिप्लिनरी इनोवेशन व स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को भी हरी झंडी दी गई।

इसके अलावा मंत्रिमंडल ने भूमि संरक्षण अधिनियम-1978, राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना, स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति-2021 में संशोधन, एसजेवीएनएल की जल विद्युत परियोजनाओं में हिमाचल को इक्विटी ऊर्जा हिस्सेदारी, शिक्षा विभाग में 28 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति, बिलासपुर में आधुनिक वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण तथा 892 करोड़ रुपये की आपदा न्यूनीकरण परियोजना को भी मंजूरी प्रदान की।
मंत्रिमंडल के इन निर्णयों से प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, ऊर्जा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।








