/राहुल गांधी की रैलियों में करोड़ों लुटाने वाले आपदा पर ज्ञान न दें : सत्ती

राहुल गांधी की रैलियों में करोड़ों लुटाने वाले आपदा पर ज्ञान न दें : सत्ती

केंद्र से मिले 6,000 करोड़ रुपये की आपदा राहत का हिसाब दे सुक्खू सरकार।

शिमला 2 जनवरी,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/वर्मा

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं ऊना से विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार के मंत्री हर्षवर्धन चौहान के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि सुक्खू सरकार के मंत्रियों में अब झूठ बोलने की होड़ मची हुई है।

उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने बिना किसी संवैधानिक पद के अपने नेता राहुल गांधी की रैलियों पर प्रदेश के करोड़ों रुपये खर्च किए हों, उनके द्वारा नैतिकता की बातें करना शोभा नहीं देता।


सत्ती ने कहा कि जिस कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने आपदाग्रस्त हिमाचल प्रदेश में आपदा राहत के पैसों से जश्न मनाया हो, वे किस आधार पर नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को भेजे गए 6,000 करोड़ रुपये की आपदा राहत का पूरा हिसाब मुख्यमंत्री और मंत्री जनता के सामने रखें।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्वयं स्वीकार कर चुकी है कि अब तक प्रभावितों को केवल लगभग 500 करोड़ रुपये ही राहत के रूप में वितरित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी झूठे आरोप लगाकर और पिछली भाजपा सरकार पर बयानबाजी करके अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है, लेकिन भाजपा उन्हें जवाबदेही से भागने नहीं देगी।

सत्ती ने कहा कि आज प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग से जुड़े अधिकांश विकास कार्य केंद्र सरकार के सहयोग और वित्तीय सहायता से ही हो रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को कोस कर केवल अपने आलाकमान को खुश करने में लगे हैं।


सतपाल सिंह सत्ती ने आरोप लगाया कि तीन वर्ष के कार्यकाल में सुक्खू सरकार की एकमात्र उपलब्धि रिकॉर्ड तोड़ कर्ज लेना और जनता पर नए कर थोपना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में “सुख की नहीं, बल्कि कर और कर्ज की सरकार” चल रही है और सरकार के पास गिनाने के लिए कोई ठोस उपलब्धि नहीं है।


उन्होंने यह भी कहा कि बिना उपलब्धियों के ही सरकार ने पहले, दूसरे और तीसरे वर्ष का जश्न मनाकर प्रदेश के धन की बर्बादी की। जश्न के मंचों को शक्ति प्रदर्शन का माध्यम बनाया गया और कई कार्यक्रमों को, जो ट्रस्ट के अंतर्गत होने चाहिए थे, सरकारी कार्यक्रम घोषित कर कांग्रेस आलाकमान की आवभगत की गई।


सत्ती ने सवाल उठाया कि जब जयराम ठाकुर के कार्यकाल में राहुल गांधी की रैलियों के लिए जुटाई गई भीड़ के बसों का किराया राज्य सरकार ने वहन किया, तो कांग्रेस यह बताए कि किस अधिकार से हिमाचल प्रदेश की जनता का पैसा सरकारी कार्यक्रमों में कांग्रेस नेता की रैलियों पर खर्च किया गया।