मटवाड़ गांव के बेसहारा बच्चों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
चम्बा, 5 जनवरी
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज उपमंडल सलूणी में बाल कल्याण समिति (CWC) से संबंधित मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय सूचना केंद्र, चम्बा में वर्चुअल माध्यम से एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपमंडल सलूणी की भजोत्रा पंचायत के गांव मटवाड़ में रह रहे बेसहारा बच्चों के प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की गई। इन बच्चों के पिता का निधन हो चुका है तथा माता द्वारा बच्चों को त्याग दिया गया है।

उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार प्रशासन द्वारा बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने अवगत कराया कि जिला बाल कल्याण समिति, चम्बा की संस्तुति पर मृतक के बच्चों के भूमि अधिकार सुरक्षित किए गए हैं। स्वर्गीय जगीर सिंह की पैतृक भूमि का इंतकाल वैध वारिसों के पक्ष में दर्ज किया जा चुका है।
वर्तमान में यह भूमि पत्नी एवं बच्चों के संयुक्त नाम पर दर्ज है तथा किसी प्रकार का विस्थापन या कब्जा विवाद नहीं है।

उपायुक्त ने बताया कि भूमि धारक होने के कारण बच्चे बिस्वा/भूमिहीन भूमि आवंटन योजना के पात्र नहीं हैं, लेकिन निर्धारित शर्तों की पूर्ति होने पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत आवेदन के पात्र हैं।
इस संदर्भ में नायब तहसीलदार, तेलका को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच एवं निगरानी की जा रही है तथा सभी बच्चे स्वस्थ पाए गए हैं।
आईसीडीएस के अंतर्गत विशेष पोषण कार्यक्रम के तहत सभी पात्र बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार निरंतर पोषण सहायता प्रदान की जा रही है।
साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि कोई भी पात्र बच्चा या किशोरी पोषण लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि बच्चों को बाल देखभाल संस्थान साहू एवं चम्बा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का मकान निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
उपायुक्त ने वर्चुअल माध्यम से जुड़े जिले के सभी उपमंडलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बेसहारा बच्चों से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा पात्र बच्चों को सुख-आश्रय योजना और मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना से जोड़ा जाए।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मैहरा, सहायक आयुक्त अपराजिता चंदेल, जिला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, जिला कार्यक्रम अधिकारी कमल किशोर शर्मा, खंड विकास अधिकारी महेश चंद तथा ओएसडी उमाकांत आनंद सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।










