/प्रोबेशन आईएफएस अधिकारियों ने लिया जाइका वानिकी परियोजना का ज्ञान।

प्रोबेशन आईएफएस अधिकारियों ने लिया जाइका वानिकी परियोजना का ज्ञान।

शिमला 8 जनवरी,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो/ वर्मा।

आईएफएस अधिकारियों प्रोबेशनरी बैच 2024 के परिहार और अजय सिंह मीणा ने वीरवार को परियोजना प्रबंधन इकाई, शिमला पहुंचकर जाइका वानिकी परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मिली जानकारी के मुताबिक इस अवसर पर परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा ने अधिकारियों को परियोजना के उद्देश्यों, वन विभाग में संचालित प्रमुख गतिविधियों, पौधरोपण, आजीविका सुधार तथा आय सृजन कार्यक्रमों की जानकारी दी।

जड़ी-बूटी सैल प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. एस.के. काप्टा ने प्रदेश की जैव विविधता और औषधीय पौधों से जुड़ी गतिविधियों से अवगत करवाया।

उल्लेखनीय है कि दोनों प्रोबेशनरी आईएफएस अधिकारी राजस्थान राज्य से संबंध रखते हैं।

परियोजना निदेशक ने बताया कि जाइका वानिकी परियोजना का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश में वन क्षेत्रों के माध्यम से पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं में सुधार कर सतत सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

यह परियोजना प्रदेश के 7 जिलों—किन्नौर, शिमला, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और कांगड़ा के 9 वन वृत्तों, 22 वन मंडलों और 72 वन परिक्षेत्रों में क्रियान्वित की जा रही है।

उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत 460 ग्राम वन विकास समितियों और 920 स्वयं सहायता समूहों की आजीविका सुदृढ़ करने के लिए योजनाएं तैयार की गई हैं। अब तक 8,300 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया जा चुका है।

साथ ही मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना और राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत भी बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है।

इस अवसर पर प्रोग्राम मैनेजर्स विनोद शर्मा, रीना शर्मा, डॉ. कौशल्या कपूर, दिशा गौतम तथा जड़ी-बूटी सैल के मार्केटिंग मैनेजर डॉ. राजेश चौहान ने अपने-अपने घटकों से संबंधित परियोजना की विस्तृत प्रस्तुतियां दीं।