/लालबाग, बेंगलुरु और सहज योग की संस्थापक श्री माताजी निर्मला देवी

लालबाग, बेंगलुरु और सहज योग की संस्थापक श्री माताजी निर्मला देवी

एक आध्यात्मिक विरासत पर विशेष लेख।

बेंगलुरु, 24 जनवरी,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो / वर्मा

कर्नाटका के बेंगलुरु का ऐतिहासिक लालबाग बॉटनिकल गार्डन केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और जैव-विविधता के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यह शहर की आध्यात्मिक चेतना का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

लालबाग और बेंगलुरु शहर का यह आध्यात्मिक पक्ष सहज योग की संस्थापक परमपूज्य श्री माताजी निर्मला देवी से गहराई से जुड़ा हुआ है, जिनके मार्गदर्शन में यहां हजारों लोगों ने आत्मसाक्षात्कार का अनुभव किया।


वर्तमान में भी, पिछले दस दिनों से लालबाग में आयोजित निःशुल्क आत्मसाक्षात्कार कार्यक्रमों में सत्य के साधक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं और आत्मसाक्षात्कार का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।


बीसवीं शताब्दी के अंतिम दशकों में परमपूज्य श्री माताजी निर्मला देवी ने कई बार बेंगलुरु का दौरा किया। इन यात्राओं के दौरान शहर में बड़े स्तर पर सार्वजनिक सहज योग कार्यक्रम, सामूहिक ध्यान और आत्मसाक्षात्कार सत्र आयोजित किए गए।


जानकारी के अनुसार, लालबाग का शांत, प्राकृतिक और सकारात्मक वातावरण इन आध्यात्मिक आयोजनों के लिए अत्यंत उपयुक्त रहा, जहां बड़ी संख्या में साधक एकत्र होकर ध्यान, आत्मिक शांति और आंतरिक संतुलन का अनुभव करते थे।


सहज योग के इतिहास में 9 दिसंबर 1991 को बेंगलुरु में दिया गया श्री माताजी का प्रवचन विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर श्री माताजी ने नंगे पांव लालबाग की पवित्र भूमि पर चलकर उसे आध्यात्मिक रूप से अभिसिंचित किया था, जिसे आज भी सहज योगी श्रद्धा और भाव से स्मरण करते हैं।


अपने प्रवचन में श्री माताजी ने चेतना के विकास (Evolution of Consciousness) पर प्रकाश डालते हुए कहा था कि साधकों को मानसिक तर्क-वितर्क से ऊपर उठकर आत्मसाक्षात्कार को अनुभव करना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि दिव्यता को समझा नहीं जाता, बल्कि उसे अनुभव किया जाता है।
इस अवसर पर बेंगलुरु की आध्यात्मिक ग्रहणशीलता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा था—
“पूरा बेंगलुरु इसे प्राप्त कर चुका है,”
जो यहां के लोगों की सामूहिक आध्यात्मिक जागरूकता को दर्शाता है।


श्री माताजी के ध्यान सत्रों के दौरान साधकों ने मानसिक शांति, आंतरिक संतुलन और सामूहिक एकता की अनुभूति की, जिसे वे आज भी अपने जीवन का एक अमूल्य अनुभव मानते हैं।


श्री माताजी के प्रवचन, सामूहिक आत्मसाक्षात्कार सत्र और ध्यान से जुड़े दृश्य सहज योग के आधिकारिक अभिलेखागार और डिजिटल माध्यमों पर सुरक्षित हैं, जो आज भी नई पीढ़ी के साधकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।


आज के समय में भी बेंगलुरु, विशेषकर लालबाग क्षेत्र में, सहज योग के नियमित निःशुल्क ध्यान और आत्मसाक्षात्कार कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। श्री माताजी निर्मला देवी की शिक्षाएं—आंतरिक शांति, आत्मसाक्षात्कार और सामूहिक सद्भाव—आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं।


इस वर्ष भी, पिछले वर्षों की तरह, लालबाग में आत्मसाक्षात्कार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, पिछले दस दिनों से चल रहे इन निःशुल्क कार्यक्रमों में हजारों लोगों को आत्मसाक्षात्कार का अनुभव कराया गया है। यह कार्यक्रम 26 जनवरी को संपन्न होगा।


सहज योगी रघु ने जानकारी देते हुए बताया कि आत्मसाक्षात्कार के ये निःशुल्क कार्यक्रम आगे भी साप्ताहिक रूप से विभिन्न ध्यान केंद्रों पर जारी रहेंगे। आत्मसाक्षात्कार के लिए टोल फ्री नंबर 1800 270 0800 पर भी संपर्क किया जा सकता है।



लालबाग बेंगलुरु की आध्यात्मिक स्मृतियों और सहज योग की अमूल्य विरासत का साक्षी है, जहां परमपूज्य श्री माताजी निर्मला देवी के संदेश ने हजारों जीवनों को सकारात्मक दिशा दी है। यह आध्यात्मिक चेतना न केवल व्यक्तिगत शांति, बल्कि विश्व शांति के लिए भी एक महत्वपूर्ण वरदान सिद्ध हो सकती है।