चंडीगढ़ 4 फरबरी,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा
पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति (NPRD) के तहत दुर्लभ बीमारियों पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की।

इसमें चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं ने भारत में दुर्लभ रोगों के निदान, उपचार और चुनौतियों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने समय पर पहचान, बहु-विषयक उपचार और बेहतर उपचार सुविधाओं की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रो. प्रवीण कुमार ने कहा कि दुर्लभ बीमारियां सामूहिक रूप से बड़ी संख्या में मरीजों को प्रभावित करती हैं और नीतिगत व वित्तीय सहयोग से उपचार में सुधार हुआ है। डॉ. विजय टाडिया ने दुर्लभ रोगियों के लिए उपचार प्रक्रियाओं को सरल बनाने और क्राउड फंडिंग पोर्टल के उपयोग पर बल दिया।

कार्यशाला का समापन दुर्लभ रोग नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी हितधारकों के सतत सहयोग के आह्वान के साथ हुआ।










