चंबा(पांगी) 5 फरबरी,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा
हिमाचल के दुर्गम पांगी घाटी के युवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने संसाधनों की कमी मायने नहीं रखती।
ग्राम पंचायत करयास के झलवास गांव के अनिल कुमार ने पहले ही प्रयास में यूजीसी-नेट परीक्षा पास कर जिले का नाम रोशन किया है।

उनके पिता चंद्रमणी मनरेगा में दिहाड़ी मजदूर हैं। अनिल ने गांव के स्कूल से पढ़ाई कर सरकारी कॉलेज पांगी से ग्रेजुएशन पूरी की और अब वैज्ञानिक बनकर समाज के लिए काम करने का सपना देखते हैं।
इसी तरह हुडान गांव की अदिति ने भी यूजीसी-नेट पास कर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
किसान पिता संगत राम की बेटी अदिति ने किलाड़ स्कूल व पांगी कॉलेज से पढ़ाई के बाद धर्मशाला लाइब्रेरी में दो साल कड़ी मेहनत कर यह सफलता हासिल की।
दोनों युवाओं की उपलब्धि ने साबित किया कि प्रतिभा सुविधाओं की मोहताज नहीं होती और पांगी के युवाओं के लिए नई प्रेरणा बन गई है।







