चंडीगढ़, 6 फरवरी,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा
पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) चंडीगढ़ ने आयुष्मान भारत योजना के तहत जटिल और उच्च स्तरीय सर्जरी प्रदान कर देश में एक नया मानक स्थापित किया है। यह जानकारी आज मीडिया से बातचीत के दौरान पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने दी।

उन्होंने कहा कि “आयुष्मान भारत भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र की क्रांति है, जिसने लाखों लोगों को इलाज के खर्च के कारण गरीबी में जाने से बचाया है।
पीजीआईएमईआर इस योजना को जमीन पर उतारने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।”
2019 से अब तक 1.75 लाख से अधिक मरीजों का उपचार
संस्थान ने बताया कि 2019 से अब तक आयुष्मान भारत के तहत 1,75,676 लाभार्थियों का उपचार किया जा चुका है।
वर्षवार आंकड़ों के अनुसार
2019–20 : 9,201 मरीज
2020–21 : 10,442 मरीज
2021–22 : 17,019 मरीज
2022–23 : 33,142 मरीज
2023–24 : 32,223 मरीज
2024–25 : 39,227 मरीज
2025–26 (अब तक) : 34,422 मरीज
जटिल उपचार में अग्रणी भूमिका
पीजीआईएमईआर में आयुष्मान भारत के तहत बड़ी संख्या में किडनी ट्रांसप्लांट, स्पाइन सर्जरी, जॉइंट रिप्लेसमेंट और अन्य जटिल प्रक्रियाएं की जा रही हैं।
स्पेशलिटी के अनुसार लाभार्थियों का वितरण:
मेडिकल ऑन्कोलॉजी – 53,940
जनरल मेडिसिन – 42,870
कार्डियोलॉजी – 15,050
न्यूरोसर्जरी – 13,500
ऑर्थोपेडिक्स – 11,220
किडनी ट्रांसप्लांट – 211
देशभर से मरीजों का भरोसा
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार
पंजाब – 46%
हरियाणा – 20%
हिमाचल प्रदेश – 9%
उत्तर प्रदेश – 7%
जम्मू-कश्मीर – 6%
चंडीगढ़ – 4%
अन्य राज्य – 8%
डिजिटल सुधार और विस्तारित ऑपरेशन थिएटर
संस्थान ने बताया कि कुछ विभागों में 65–80% बड़ी सर्जरी आयुष्मान भारत के तहत हो रही हैं।
आयुष्मान भारत 2.0 के तहत
बायोमेट्रिक सत्यापन
डिजिटल इन्वेंट्री सिस्टम
बेडसाइड दवाइयों की सुविधा
जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

पीजीआईएमईआर में नियमित ऑपरेशन थिएटर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक संचालित किए जा रहे हैं, साथ ही 24×7 इमरजेंसी ओटी सेवाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे सर्जरी की प्रतीक्षा अवधि में कमी आई है।
सस्ती दवाइयों की उपलब्धता
संस्थान परिसर में AMRIT फार्मेसी नेटवर्क के माध्यम से दवाइयों और इम्प्लांट्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। फार्मेसी भुगतान से जुड़ी लंबित राशि को घटाकर ₹2 करोड़ से कम कर दिया गया है।
अंत में प्रो. विवेक लाल ने कहा कि पीजीआईएमईआर यह साबित कर रहा है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं संस्थागत प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ सफल हो सकती हैं।
उन्होंने कहा, “हम सफेद कोट वाले सैनिक हैं—हमारा कर्तव्य हर जरूरतमंद मरीज को सर्वोत्तम उपचार देना है।”










