नई भर्ती कर्मचारियों के लिए ओपीएस पर भी लटकी तलवार।
शिमला 8 फरवरी,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा।
हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं।
रविवार को हुई एक प्रस्तुति में बताया गया कि सोलहवें वित्त आयोग द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) समाप्त किए जाने से राज्य की आर्थिक व्यवस्था पर बड़ा दबाव पड़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश लंबे समय से इस अनुदान पर काफी हद तक निर्भर रहा है।

प्रस्तुति के दौरान वित्त सचिव देवेश कुमार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, सत्ता और विपक्ष के प्रतिनिधियों तथा मीडिया की मौजूदगी में कहा कि आरडीजी बंद होने से राज्य की आय पर गंभीर असर पड़ने की संभावना है ।
उन्होंने कहा कि भविष्य की वित्तीय रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा।वित्त विभाग के अनुसार संसाधनों की कमी के चलते कर्मचारियों से जुड़े कई वित्तीय फैसलों पर असर पड़ सकता है।

कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) फ्रीज करने की स्थिति बन सकती है।लंबित एरियर का भुगतान फिलहाल संभव नहीं होगा ।
पेंशन संबंधी भत्तों में कटौती या पुनर्विचार किया जा सकता है
प्रेजेंटेशन में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) का भी उल्लेख किया गया। बताया गया कि OPS लागू होने के बाद राज्य को करीब ₹1800 करोड़ के अतिरिक्त ऋण की कटौती का सामना करना पड़ा था। ऐसे में भविष्य की भर्तियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) अपनाने पर विचार करने की आवश्यकता जताई गई है।
वित्त विभाग की इस प्रस्तुति ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े फैसलों में बड़े बदलाव संभव हैं।










