/पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के ह्यूमन मिल्क बैंक ने पूरे किए 4 वर्ष पूरे।

पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के ह्यूमन मिल्क बैंक ने पूरे किए 4 वर्ष पूरे।

1600 से अधिक नवजातों को मिला जीवनदान

चंडीगढ़, 13 फरवरी,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा

पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर की नवजात इकाई में स्थापित ह्यूमन मिल्क बैंक अपनी स्थापना के चार वर्ष पूरे करने जा रहा है।

इस अवसर पर 14 फरवरी 2026 को सुबह 11:30 बजे एनएनएन सेमिनार रूम में विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा।

यह मिल्क बैंक वर्ष 2022 से क्षेत्र के बीमार और अत्यंत छोटे नवजात शिशुओं के लिए जीवनदायी साबित हो रहा है।


चार वर्षों की उपलब्धियां


ह्यूमन मिल्क बैंक को समाज से अभूतपूर्व सहयोग मिला है। अब तक 1700 से अधिक माताओं ने स्वेच्छा से दूध दान किया है, जिससे 1000 लीटर से ज्यादा मानव दूध एकत्र किया गया। इस पहल के माध्यम से 1600 से अधिक नवजात शिशुओं को डोनर मिल्क उपलब्ध कराया गया है, जबकि 900 लीटर से अधिक दूध नवजात इकाई में वितरित किया जा चुका है।


नवजात विशेषज्ञ एवं परियोजना की अग्रणी डॉ. कन्या मुखोपाध्याय ने कहा कि यह उपलब्धि “डोनर माताओं की अटूट भावना और पीजीआईएमईआर की समर्पित मेडिकल टीम” का परिणाम है।


नवजातों के लिए मानव दूध क्यों जरूरी


विशेषज्ञों के अनुसार मानव दूध केवल पोषण ही नहीं, बल्कि समय से पहले जन्मे या बीमार शिशुओं के लिए दवा के समान है। यह शिशुओं के नाजुक पाचन तंत्र के लिए उपयुक्त होने के साथ-साथ संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है और सेप्सिस के खतरे को कम करता है। इसके अलावा यह नेक्रोटाइजिंग एंटेरोकॉलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के जोखिम को घटाता है और मस्तिष्क के बेहतर विकास में मदद करता है।


क्यों कई माताएं तुरंत दूध नहीं पिला पातीं


समय से पहले जन्म, मातृ बीमारी, आवश्यक दवाओं का सेवन तथा एनआईसीयू में शिशु के उपचार के दौरान तनाव व अलगाव जैसी परिस्थितियों के कारण कई माताएं शुरुआती दिनों में स्तनपान कराने में सक्षम नहीं हो पातीं।


कौन कर सकता है दूध दान


स्वस्थ स्तनपान कराने वाली कोई भी मां अतिरिक्त दूध होने पर दान कर सकती है। दान से पहले स्वास्थ्य जांच और रक्त परीक्षण की प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य होता है, जिससे दूध की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
पीजीआईएमईआर ने इस जीवनदायी पहल में सहयोग देने के लिए समाज का आभार व्यक्त किया है।