शिमला 16 फरवरी,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब वित्त सचिव द्वारा सभी विधायकों को भेजी गई एक कथित चिट्ठी चर्चा का विषय बन गई। इस पत्र को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

सूत्रों के अनुसार, वित्त विभाग की ओर से सभी विधायकों को एक पत्र भेजे जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस पत्र में वित्तीय मामलों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण निर्देश और जानकारी साझा की गई थी।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से इस तरह की किसी भी चिट्ठी के भेजे जाने से साफ इनकार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से विधायकों को इस प्रकार का कोई पत्र जारी नहीं किया गया है और इस मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर ऐसी कोई चिट्ठी जारी हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
वहीं विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की है।
विपक्ष का कहना है कि यदि पत्र वास्तव में जारी हुआ है तो सरकार को स्पष्ट रूप से स्थिति जनता के सामने रखनी चाहिए।
इस पूरे प्रकरण ने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी तेज होने के संकेत मिल रहे ।






