शिमला, 17 फरवरी.
हिम नयन न्यूज/ ब्यूरो /वर्मा
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान और आपसी होड़ के कारण मंत्री और विधायक मर्यादा तोड़कर बयानबाजी कर रहे हैं।
विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं में खुद को बड़ा दिखाने की होड़ मची हुई है, जिसके चलते झूठे आरोप और बदजुबानी की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मंडी में हुए तीन साल के जश्न के मंच पर भी यह आपसी तकरार साफ दिखाई दी थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने सदन को “झूठ बोलने का मंच” बना दिया है और उपमुख्यमंत्री ने भी सदन की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाले बयान दिए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा हिमाचल के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और उसे कांग्रेस से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में खुद को बड़ा दिखाने के लिए संविधान की किताब लेकर चलने का चलन शुरू हो गया है, लेकिन उसे पढ़ने की जरूरत नहीं समझी जा रही।
जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार अपने तीन साल के कार्यकाल में भाजपा सरकार की योजनाओं को बंद करने और उनके बजट रोकने में ही लगी रही है। उन्होंने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश ने महामारी से मजबूती से मुकाबला किया और कर्मचारियों का वेतन तक नहीं रोका गया।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों से मलबा हटाने में सरकार ढाई साल में भी सफल नहीं हो पाई है और अब भाजपा से विकास का हिसाब मांग रही है।
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने सदन में तीन बार झूठ बोला, जिनका दस्तावेजों के साथ खंडन किया गया है।
उन्होंने कहा कि—
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त सचिव ने भाजपा विधायकों को पत्र नहीं लिखा, जबकि 4 फरवरी को पत्र भेजा गया था।
सीपीएस मामले में कानूनी लड़ाई पर खर्च नहीं होने की बात कही गई, जबकि एक हियरिंग के लिए दो वकीलों को 1.43 करोड़ रुपये दिए जाने का दस्तावेज सदन में रखा गया।
आपदा प्रभावित सड़कों के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र न लिखने की बात कही गई, जबकि 25 जुलाई को पत्र भेजा गया था और उसका जवाब भी मिला।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सहित कई कांग्रेस नेता आगामी चुनाव के लिए सुरक्षित सीट नहीं ढूंढ पा रहे हैं। उनका दावा है कि कई विधायक भी अपनी सीट को लेकर असमंजस में हैं और उन्हें हार का डर सता रहा है।








