पीएमजीएसवाई-IV के अगले चरण में 1200 किमी नई सड़कों का प्रस्ताव।
नई दिल्ली/शिमला, 21 फरवरी ,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) चरण-4 के अंतर्गत राज्य में स्वीकृत एवं प्रगति पर चल रही परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में शिमला ज़िले के दुर्गम एवं ऊँचाई वाले क्षेत्र डोडरा क्वार की लंबित सड़क परियोजनाएँ प्रमुख मुद्दा रहीं। मंत्री ने अवगत कराया कि पीएमजीएसवाई चरण-1 के तहत स्वीकृत डोडरा क्वार सड़क का कुछ हिस्सा कठोर भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित कार्य-मौसम और कठिन भू-सतह के कारण अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है।

यह मार्ग स्थानीय ग्रामीणों, सीमावर्ती क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य आपात सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अनुरोध किया कि डोडरा क्वार के लंबित पैकेजों और चरण-1 के शेष कार्यों हेतु विशेष छूट, अतिरिक्त वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि क्षेत्र को शीघ्र सर्व-मौसम सड़क सुविधा मिल सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि हिमाचल प्रदेश को पीएमजीएसवाई-IV के तहत लगभग 1,500 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों की स्वीकृति मिली है, जिनकी अनुमानित लागत करीब ₹2,300 करोड़ है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने दूसरे चरण में लगभग 1,200 किलोमीटर नई सड़कों का प्रस्ताव केंद्र के समक्ष रखा है। इन परियोजनाओं के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किए जा रहे हैं और शीघ्र स्वीकृति की अपेक्षा है।

लोक निर्माण मंत्री ने जनप्रतिनिधियों, पंचायतों और भूमि-स्वामियों से अधिकतम संख्या में गिफ्ट डीड उपलब्ध कराने की अपील करते हुए कहा कि भूमि उपलब्धता सुनिश्चित होने पर अनकवर्ड बस्तियों को सड़क नेटवर्क से शीघ्र जोड़ा जा सकेगा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिमाचल की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि डोडरा क्वार के लंबित पैकेजों और वित्तीय अनुमोदनों के मुद्दे को प्राथमिकता से संबंधित मंत्रालयों के समक्ष रखा जाएगा।

प्रदेश सरकार ने दोहराया कि केंद्र-राज्य समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत और सुरक्षित सड़क नेटवर्क का विस्तार उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की पहुँच सुनिश्चित की जा रही है।









