विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) 26 फरबरी,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा
परम पूज्य श्री माताजी निर्मला देवी की असीम कृपा एवं आशीर्वाद से राष्ट्रीय श्री आदि शक्ति पूजा एवं सेमिनार 2026 का आयोजन आगामी 5, 6 और 7 जून 2026 को विशाखापट्टनम में भव्य रूप से किया जाएगा।
यह तीन दिवसीय आध्यात्मिक आयोजन गादिराजु पैलेस, एमवीपी कॉलोनी, बीच रोड पर संपन्न होगा, जो समुद्र तट से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है।
आंध्र प्रदेश कलेक्टिविटी की ओर से देशभर के सहज योगी भाई-बहनों को इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में सादर आमंत्रित किया गया है।

आयोजन का उद्देश्य साधकों को सामूहिक ध्यान, पूजा और आध्यात्मिक सेमिनार के माध्यम से आत्मिक उन्नति का अवसर प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान श्री आदि शक्ति स्वरूप में परम पूज्य माताजी की आराधना, ध्यान, हवन तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।
5 जून (शुक्रवार) को प्रातः ध्यान, पंजीकरण एवं उद्घाटन समारोह के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके पश्चात सेमिनार सत्र, हवन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा।
6 जून (शनिवार) को प्रातः सामूहिक ध्यान तथा समुद्र तट पर सामूहिक ‘फुट सोक’ कार्यक्रम आयोजित होगा। दिनभर सेमिनार सत्र एवं सायंकाल सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
7 जून (रविवार) को मुख्य आकर्षण श्री आदि शक्ति पूजा होगी। पूजा के उपरांत महाप्रसाद वितरण तथा प्रतिभागियों की विदाई का कार्यक्रम निर्धारित है।
पंजीकरण शुल्क
आयोजन के लिए पंजीकरण शुल्क इस प्रकार निर्धारित किया गया है—
वयस्क: ₹2,500
युवा शक्ति (13–25 वर्ष): ₹1,800
बच्चे (6–12 वर्ष): ₹1,200
आयोजकों ने प्रतिभागियों से अनुरोध किया है कि वे 7 मई 2026 से पूर्व पंजीकरण कराएं, ताकि व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जा सके। पंजीकरण एवं दान राशि निर्धारित बैंक खाते अथवा यूपीआई के माध्यम से जमा की जा सकती है।
आवागमन की सुविधा
गादिराजु पैलेस तक पहुंचना सुगम है।
विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से दूरी: 16 किमी
रेलवे स्टेशन से दूरी: 6.5 किमी
आरटीसी बस कॉम्प्लेक्स से दूरी: 5.2 किमी

आयोजन से संबंधित पंजीकरण, आवास, परिवहन या अन्य जानकारी के लिए इच्छुक प्रतिभागी ईमेल sahajayogaandhra@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय ट्रस्ट एवं विभिन्न राज्यों के समन्वयकों की देखरेख में किया जाएगा।
यह राष्ट्रीय आयोजन आध्यात्मिक साधना, सामूहिक एकता और दिव्य अनुभव का अद्वितीय संगम साबित होने की अपेक्षा है, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में साधकों के शामिल होने की संभावना है।









