शिमला, 13 मार्च ,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/वर्मा
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कांगड़ा जिले के दो दिवसीय दौरे के दौरान योल स्थित वेद आश्रम का दौरा कर स्वामी राम स्वरूप योगाचार्य से भेंट की। जिला कांगड़ा पहुंचने पर प्रशासन द्वारा राज्यपाल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने स्वामी राम स्वरूप योगाचार्य से वर्तमान समय में वैदिक शिक्षाओं के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने आश्रम में आयोजित हवन-यज्ञ में भाग लेकर प्रदेश और देशवासियों की शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

राज्यपाल ने स्वामी जी के वैदिक ज्ञान पर आधारित प्रवचनों को भी ध्यानपूर्वक सुना और आश्रम के आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की।
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने स्वामी राम स्वरूप योगाचार्य के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी वेदों के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संत और आध्यात्मिक नेता आधुनिक युग में वेदों की शाश्वत ज्ञान परंपरा के संरक्षण और प्रसार में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज जब समाज तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, तब भारत की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहना उतना ही आवश्यक है। संत समाज में वैदिक ज्ञान, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक अनुशासन का संदेश देकर लोगों को सही मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि संतों के निस्वार्थ प्रयासों से समाज को यह समझने में सहायता मिलती है कि बदलते समय में भी वैदिक शिक्षाएं संतुलित, नैतिक और सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को न भूलें।
राज्यपाल ने कहा कि वैदिक मूल्यों को अपनाने का अर्थ आधुनिकता से दूर होना नहीं है, बल्कि प्राचीन ज्ञान से शक्ति और दिशा लेकर आधुनिक जीवन की चुनौतियों का स्पष्टता और उद्देश्य के साथ सामना करना है।
राज्यपाल ने कहा कि स्वामी राम स्वरूप योगाचार्य द्वारा वैदिक ज्ञान के प्रचार और वैदिक संस्कृति के पुनरुत्थान के माध्यम से समाज और मानवता की अमूल्य सेवा की जा रही है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि वेद आश्रम आने वाली पीढ़ियों को भी इसी प्रकार प्रेरित करता रहेगा।







