शिमला 15 मार्च,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो /वर्मा
हिमाचल विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष पूर्व मुख्य मंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य सरकार द्वारा विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो को Right to Information Act 2005 के दायरे से बाहर करने के फैसले पर कड़ा विरोध जताया है।
उन्होंने कहा कि यह कदम पारदर्शिता के खिलाफ है और इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कमजोर होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि Sukhvinder Singh Sukhu सरकार का यह फैसला जनविरोधी और तानाशाहीपूर्ण है।

जयराम ठाकुर के अनुसार आरटीआई कानून की धारा 24 के तहत भ्रष्टाचार और मानवाधिकार हनन से जुड़े मामलों में सूचना देना अनिवार्य है, इसलिए विजिलेंस और एसीबी को इससे बाहर करना कानूनी रूप से सही नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में वाहनों पर एंट्री टैक्स बढ़ाने के फैसले पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे सीमावर्ती जिलों के लोगों और पर्यटन कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।






