बताया जनविरोधी और दिशाहीन।
शिमला, 22 मार्च,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष Jairam Thakur ने मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu द्वारा प्रस्तुत चौथे बजट पर कड़ा हमला बोलते हुए इसे “प्रदेश के इतिहास का सबसे नीरस, निराशाजनक और जनविरोधी बजट” करार दिया है।
उन्होंने कहा कि इस बजट को लेकर न केवल आम जनता बल्कि कांग्रेस के भीतर भी उत्साह का अभाव है। अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने 29 बजट देखे हैं, लेकिन इतना दिशाहीन दस्तावेज पहले कभी नहीं देखा।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार “देने के बजाय छीनने” की नीति पर काम कर रही है।
उनके अनुसार, सत्ता में आते ही सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार द्वारा स्थापित 2000 से अधिक संस्थान बंद कर दिए और अब कर्मचारियों के वेतन तथा जनहित योजनाओं में कटौती की जा रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री के व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बजट भाषण के दौरान उनका रवैया अहंकारपूर्ण रहा और बजट तैयार करने वाले अधिकारियों को उचित श्रेय नहीं दिया गया।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए ठाकुर ने कहा कि सरकार के निर्णयों के कारण कर्मचारी वर्ग हताश है और वेतन डिफर करने जैसे फैसले तानाशाहीपूर्ण हैं।
केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी कोई ठोस योजना लाने में असफल रही है और केवल केंद्रीय योजनाओं का नाम बदलकर प्रस्तुत किया जा रहा है।
जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अनावश्यक कर लगाए गए हैं और चुनावी वादों—जैसे 300 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं को ₹1500—पर शर्तें लगाकर लाभ सीमित किया गया है।
अंत में जयराम ठाकुर ने कहा कि यह बजट “खोखला और भ्रामक” है, जिससे न तो जनता संतुष्ट है और न ही सत्ता पक्ष के विधायक। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए सदन में मजाक का सहारा ले रहे हैं।










