सांसद सुरेश कश्यप ने उठाया मुद्दा।
शिमला, 30 मार्च
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/वर्मा
सुरेश कुमार कश्यप ने लोकसभा में नियम 377 के तहत हिमाचल प्रदेश के पिंजौर–बद्दी–नालागढ़ सड़क मार्ग की खराब स्थिति का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह सड़क बद्दी–बरोटीवाला–नालागढ़ (BBN) औद्योगिक क्षेत्र को हरियाणा और चंडीगढ़ से जोड़ने वाली जीवनरेखा है, जो प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ मानी जाती है।
सांसद कश्यप ने सदन को अवगत कराया कि BBN क्षेत्र एशिया के प्रमुख औद्योगिक हब में से एक है, जहाँ 2000 से अधिक उद्योग संचालित हैं और प्रतिदिन लगभग 30,000 वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है, जिससे आम जनता, कर्मचारियों और उद्योगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि सड़क के चार-लेन निर्माण कार्य की शुरुआत अप्रैल 2022 में हुई थी, जिसे सितंबर 2024 तक पूरा किया जाना था। इसके लिए लगभग 556 करोड़ रुपये का प्रारंभिक बजट निर्धारित किया गया था, जो अब बढ़कर 650–670 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
बावजूद इसके, वर्ष 2026 तक परियोजना अधूरी पड़ी है, जो गंभीर प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है।
सांसद के अनुसार, लगभग 40–45 प्रतिशत कार्य होने के बाद ठेकेदार द्वारा काम छोड़ दिया गया और अब तक 10 से अधिक बार टेंडर प्रक्रिया रद्द या स्थगित हो चुकी है, जिसके चलते निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है। वर्तमान में सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, अधूरी लेन, जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि इस स्थिति का असर आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ रहा है, वहीं उद्योगों को भी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
अंत में सुरेश कुमार कश्यप ने केंद्र व राज्य सरकार से मांग की कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि क्षेत्र की जनता और उद्योगों को राहत मिल सके।
उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में सरकार विफल रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।








