विदेशी सेब महंगे, फिर भी डर की राजनीति—बागवानों के हित पूरी तरह सुरक्षित।
शिमला 31 मार्च,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ वर्मा
भाजपा नेता एवं विधायक डॉ. जनक राज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के सेब बागवानों को डराने और गुमराह करने के लिए कांग्रेस झूठ और भ्रामक जानकारी का सहारा ले रही है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों (FTA) को लेकर कांग्रेस की बयानबाजी का वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।
डॉ. जनक राज ने बताया कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा सेब आयातक है और वर्ष 2024-25 में करीब 5.57 लाख मीट्रिक टन सेब का आयात हुआ, जो घरेलू उत्पादन का लगभग 21.9% है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने ऐसी नीतियां बनाई हैं, जिससे हिमाचल के सेब उत्पादकों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ हुए समझौते में सेब आयात के लिए सीमित कोटा (TRQ) रखा गया है, जो मौजूदा आयात से भी कम है और इसे अगले 10 वर्षों में धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा।

साथ ही न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) ₹80 प्रति किलो निर्धारित किया गया है, जिससे सस्ते विदेशी सेब भारतीय बाजार में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
डॉ. जनक राज ने कहा कि विदेशी सेब की कीमत केवल आयात मूल्य तक सीमित नहीं रहती। ढुलाई, कोल्ड स्टोरेज और अन्य लॉजिस्टिक खर्च जुड़ने के बाद यह फल मंडियों तक पहुंचते-पहुंचते ₹120 से ₹150 प्रति किलो तक हो जाता है, जो हिमाचल के स्थानीय सेब से अधिक महंगा पड़ता है। ऐसे में विदेशी सेब सस्ते विकल्प नहीं, बल्कि प्रीमियम श्रेणी में ही उपलब्ध होते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि न्यूज़ीलैंड और अमेरिका के साथ भी ऐसी व्यवस्थाएं बनाई गई हैं, जिनमें केवल प्रीमियम सेगमेंट के सेब ही आयात होंगे। इससे घरेलू बाजार पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के पास न तो तथ्यों की समझ है और न ही किसानों के प्रति संवेदनशीलता। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सेब बागवानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और उत्पादन बढ़ाने, तकनीकी सुधार और किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
अंत में डॉ. जनक राज ने कहा कि हिमाचल का बागवान अब जागरूक है और वह सच्चाई को समझ चुका है। भाजपा सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।









