शिमला 2 अप्रैल
हिम नयन न्यूज़ / ब्यूरो
हिमाचल प्रदेश में अफसरशाही को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्टों और टिप्पणियों में मुख्य सचिव पर कथित वित्तीय अनियमितताओं और ठेकेदारों से लेन-देन से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों में कहा गया है कि ठेकेदारों और वेंडरों की भुगतान प्रक्रिया को प्रभावित कर कथित रूप से धन वसूली की गई। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में यह भी आरोप सामने आए हैं कि चंडीगढ़ स्थित निजी आवास पर ठेकेदारों को बुलाया जाता था और भुगतान से जुड़े निर्णयों को प्रभावित किया जाता था। साथ ही, कुछ लोगों ने इस संबंध में सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्य सचिव की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोपों में तथ्य पाए जाते हैं, तो यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन सकता है।
फिलहाल, मामले की सत्यता की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच या स्पष्ट बयान का इंतजार किया जा रहा है।








