/पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि।

पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि।

क्रॉनिक दर्द के लिए विश्व की पहली नई तकनीक शुरू।

चंडीगढ़, 13 अप्रैल,
हिम नयन न्यूज/ब्यूरो/ वर्मा

PGIMER Chandigarh ने क्रॉनिक मस्कुलोस्केलेटल दर्द के उपचार में विश्व स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एक अनूठी तकनीक शुरू की है।

यह तकनीक Fluorine-18 Sodium Fluoride (¹⁸F-NaF) PET-CT गाइडेड स्टेरॉयड इंजेक्शन पर आधारित है, जिसे दुनिया में पहली बार लागू किया गया है।

संस्थान के निदेशक Prof. Vivek Lal ने इस नवाचार को सराहते हुए कहा कि यह तकनीक मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में बड़ा कदम है और इससे वैश्विक स्तर पर क्रॉनिक दर्द के उपचार में बदलाव आ सकता है।

न्यूक्लियर मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक्स विभाग के संयुक्त प्रयास से विकसित इस तकनीक के बारे में Dr. Anish Bhattacharya ने बताया कि यह पारंपरिक जांचों से अलग, शरीर में सक्रिय रोग वाले सटीक स्थान की पहचान कर उपचार को सीधे उसी स्थान पर केंद्रित करती है, जिससे बेहतर परिणाम मिलते हैं।

इस तकनीक के विकास में Dr. Sarvdeep Singh Dhatt, Dr. Babita Ghai, Dr. Rajender Kumar, Dr. Vishal Kumar, Dr. Harmandeep Singh और Dr. Raza Abbas Mahdi सहित विशेषज्ञों की टीम ने योगदान दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक कमर दर्द, सैक्रोइलाइटिस, प्लांटर फैसाइटिस, एड़ी के दर्द और अन्य दीर्घकालिक दर्द की समस्याओं में अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है।

लगभग 84% मरीजों को तीन माह में महत्वपूर्ण राहत
प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं
उपचार की लागत लगभग ₹1,000, जबकि अन्य खर्च करीब ₹500


यह तकनीक मरीजों को कम लागत में सटीक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराते हुए पर्सनलाइज्ड और प्रिसीजन मेडिसिन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


इस शोध को वर्ष 2026 में European Journal of Nuclear Medicine and Molecular Imaging में प्रकाशित किया गया है, जिसमें इसकी प्रभावशीलता और सुरक्षा की पुष्टि की गई है।