/“हम वृक्षों की तरह हैं, हम सभी एक ही वृक्ष से जीवन रस पा रहे हैं “- श्री माता जी निर्मला देवी

“हम वृक्षों की तरह हैं, हम सभी एक ही वृक्ष से जीवन रस पा रहे हैं “- श्री माता जी निर्मला देवी


सामूहिकता हमारे विकास के आधार है ।


शिमला 20 अक्तूबर,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो /नयना वर्मा


हम सभी को अपनी पुरानी सोच को बदलने की जरूरत है समय के साथ बदलाव भी जरूरी है इस बारे में सहज योगा संस्थापिका श्री माता जी निर्मला देवी ने लोगो को शिक्षा देते हुए कहा है कि हमे ध्यान करना चाहिए और इस से ही हम सभी हरे भरे रह सकते है । वर्तमान युग मंे आर्थिक सम्पन्नता होने के बावजूद भी भय व अशांति का माहौल में जीते है सभी किसी अलग ही दौड में चले है और अशांत हो कर क्षत विक्षित हो रहे है । सहजयोगा के माध्यम से आत्मसााक्षात्कार पाने वाले अपने जीवन को शांतिमय ढंग से जीने की कला सीखते है आत्मसााक्षात्कार प्राप्त करने के बाद सहजयोगियो के जीवन में अलग बदलाव दिखने लगता है वह दिखावे की दुनिया से उपर उठ कर वास्तविकता का जीवन यापन करते है श्री माता जी ने अपने 12 अक्तूबर 1987 के एक प्रवचन में इस बारे में जो कहा है वह निम्न दिया जा रहा है ।

“हम वृक्षों की तरह हैं, हम सभी एक ही वृक्ष से जीवन रस पा रहे हैं। जैसा कि सर्दियों में एक पत्ता गिरता है, होता यह है कि पेड़ की शाखा व पत्ते के बीच में ढक्कन की तरह का एक अवरोध बनता है, और इसी अवरोध के कारण पत्ते तक कुछ भी पोषण नहीं पहुंच पाता, जिससे वह पेड़ से गिर जाता है। ठीक इसी तरह से, अगर आप अपनी पुरानी धारणाएं व गलत सोच जारी रखते हैं – “मेरे पास अलग घर होना चाहिए, मेरा बढ़िया परिवार होना चाहिए, मेरी अपनी कार होनी चाहिए, मेरा अपना कारोबार होना चाहिए, इत्यादि” – तब आप उसी पत्ते की तरह बन जाते हैं, और तब आप विकास नहीं करते।

अतः वे लोग जो ये कहते हैं, “ओह, हम अपने घर में ध्यान कर रहे हैं, हम घर में ये भी कर रहे हैं, वे कभी प्रगति नहीं कर सकते, क्योंकि वे जीवन रस नहीं प्राप्त कर रहे हैं। आप देखेंगे कि वह बस पिछड़ते जा रहे हैं। यही वो बात है जो अधिकतर लोग नहीं जानते और न ही समझते हैं कि किस प्रकार हम सामूहिकता में रहकर ही बेहतर तरीके से पनप सकते हैं, न कि सामूहिकता से अलग रहकर। यही वो बात है, जिससे वे कभी भी विकास नहीं करते। आप चाहें तो ऐसा कर सकते हैं, लेकिन आपको हमेशा सामूहिकता में ही रहना चाहिए।”

हिमाचल में भी सहजयोगा के केन्द्र खोले गए है जहां साप्ताहिक तौर पर सामुहिकता में ध्यान किया जाता है इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए कुछ सहजयोगियो के मोबाईल नम्बर भी शेयर किए गए है जिन पर सम्पर्क करके कोई भी निशुल्क आत्मसाक्षात्कार प्राप्त कर सकता है


सहजयोगा टोल फ्री सर्म्क 18002700800 पर सम्पर्क के अलावा राहुल लाम्बा जिनका नम्बर 94181 55252 शिमला के विनोद कपूर 98163 62962 रोहडू के दिनेश पाप्टा 82192 43364 सोलन के हन्नी वर्मा 94180 37575 चिन्तपुर्णी व धर्मशाला से डाक्टर नरेन्द्र शर्मा 9816430904 घुमारवीं से सरोज शर्मा 7018163834 तथा कमल चौहान के नम्बर 70183 41089 पर सम्पर्क करके आप भी निशुल्क आत्मसाक्षात्कार प्राप्त कर सकते है ।

सहजहयोगा के बारे में जानकारी के लिए सहज योगा डॉट कॉम पर जा कर भी घर बैठे जानकारी हासिल की जा सकती है ।इच्छुक व्यक्ति हिम नयन न्यूज के कार्यालय में 9418450853 पर भी इस बारे में जानकारी हासिल कर सकते है।