न्यूजीलैण्ड (ऑक लैण्ड ) 03 दिसम्बर
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो /नयना वर्मा

दुनिया में कोई भी समाज एक दुसरे की सहायता के बिना सुखी नही रह पाता है । सहजयोगा की संस्थापिका श्री माता जी निर्मला देवी ने अपने एक प्रवचन में कहा है कि दूसरो की सहायता किए बिना आप किसी भी तरह से सुखी नहीं रह पाएंगे इस लिए आप सभी मानवजाति की सहायता के लिए आगे आए और श्री माता जी द्वारा आत्म उत्थान व शांति का जो मार्ग विधि बताई गई है उसे अन्य मानव जाति को बताने का प्रयास करें ।
श्री माता जी द्वारा 1979 में 2 दिसम्बर को दिए गए प्रवचन के कुछ अंश इस प्रकार है

“आप में से ऐसे भी लोग हैं, जो अभी तक भी मुझे पहचान नहीं पाए हैं। मेरी उद्घोषणा उनके अंदर मेरी इस पहचान को स्थापित करेगी। मुझे पहचाने बिना आप मेरी लीला को नहीं देख सकते। लीला को देखे बिना, आपके अंदर विश्वास नहीं आ सकता। विश्वास के बिना आप गुरु नहीं बन सकते। गुरु बने बगैर आप दूसरों की सहायता नहीं कर सकते। और दूसरों की सहायता किए बिना आप किसी भी तरह से सुखी नहीं रह पाएंगे।

अतः इस क्रम (श्रृंखला) को तोड़ना बहुत आसान है, लेकिन इस कड़ी को एक के बाद एक करके जोड़ना – यही वो चीज़ है, जो आपको करनी है। यही तो आप सब बनना चाह रहे थे। अतः आत्मविश्वासी बनें, आनंदमय बनें और प्रसन्नचित्त बनें। मेरी ये सारी शक्तियाँ आपकी रक्षा करेंगी। मेरा प्रेम आपको पोषित करेगा, और मेरा स्वभाव आपको शांति व आनंद से भर देगा।”

श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा दी गई शिक्षा की अनुपालना करते हुए न्यूजीलैण्ड सहित दुनिया के करीब 180 देशो में सहजयोगा से आत्मशांति प्राप्त करने वाले लोगो की संख्या बढती ही जा रही है । आप फ्री मैडिटेशन क्लासिज वाली फोटो के पास दिए गए क्यू आर कोड स्कैन करके सीधे सहजयोगा वेवसाईट पर जा सकते है जहां आपको आत्मसाक्षात्कार प्राप्त करने का सरल तरीका निशुल्क सिखाया जाएगा ।

इस के लिए कोई शुल्क नही लगता किसी तरह का जाति धर्म व लिंग भेद भी नही किया जाता है । सहजयोगा डॉट कॉम वेवसाईट पर जा कर तथा टोल फ्री नम्बर 18002700800 पर भी सम्पर्क कर सकते है । ज्यादा जानकारी के लिए ईमेल एड्रेस naina.nlg59@gmail.com पर हिम नयन न्यूज के कार्यालय में भी सम्पर्क कर सकते है ।









