/ढांग उपरली स्थित अकाल बुंगा गुरूद्वारा साहिब में चार साहिबजादों की याद में शुरू किए समागम का डाला भोग

ढांग उपरली स्थित अकाल बुंगा गुरूद्वारा साहिब में चार साहिबजादों की याद में शुरू किए समागम का डाला भोग

नालागढ 29 दिसम्बर,
हिम नयन न्यूज /ब्यूरो

कथावाचकों ने गुरू गोंबिद सिंह के परिवार के जीवन पर प्रकाश डाला

उपमण्डल के ढांग उपरली स्थित अकाल बुंगा गुरूद्वारा साहिब में चार साहिबजादों की याद में शुरू किए समागम का भोग डाला गया। इस मौके पर दीवान सजाया गया और कथावाचकों ने गुरू गोंबिद सिंह के परिवार के जीवन पर प्रकाश डाला।
हैड ग्रंथी कथावाचक भाई जगदीप सिंह ने कहा कि गुरू गोंबिद सिंह ने सिखों के मना करने के बावजूद भी बड़े साहिबजादें बावा अजीत सिंह व बावा जुझार सिंह को जंग के मैदान उतारा, ताकि कल को कोई भी इतिहास सुनाते हुए ये ना कहें कि गोंबिद सिंह ने अपने परिवार को बचाने के लिए सिखों को मौत के घाट उतरवा दिया। चमकोर की जंग में दोनो बड़े साहिबजादें शहीद हुए। इसके अलावा दोनो छोटे साहिबजादों बावा फतेह सिंह ओर बावा जोरावर सिंह को धर्म छोडऩे के लिए मजबूर किया गया, लेकिन अपने दादा गुरू तेग बहादुर की कुरबानियों की याद दिलाते हुए उन्होंने शहीद कहलाना उचित समझा। उन्होंने माताओं से अपने बच्चों को गुरू जी के चार साहिबजादों के जीवन का इतिहास बताने की बात कही ताकि बच्चे उनके जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़े। इस मौके पर गुरू का लंगर अटूट बरताया गया।
इस मौके पर महेन्द्र सिंह, मनजीत सिंह, जोगा सिंह, रामआसरा सिंह, हरप्रीत सिंह, मोहन सिंह, चमन लाल, गुरचरण सिंह, रामदास सिंह, नरेन्द्र कौर, भजन कौर, जगदीश कौर, अजमेर सिंह, रशपाल सिंह, सुरजीत कौर, जसवंत सिंह, जसवीर कौर, जस्सी सिंह, कर्मजीत सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।