नालागढ़ 29 अगस्त,
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो /वर्मा
राजकीय महाविद्यालय नालागढ़ में
आज रेबीज रोकथाम के लिए सामुदायिक शिक्षा” विषय पर एक व्याख्यान आयोजित किया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक़ इस व्याख्यान को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के लोक प्रशासन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. दीपक शर्मा ने दिया।
डॉ. शर्मा ने अपने व्याख्यान में रेबीज रोकथाम के महत्व और सामुदायिक शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डाला।
उन्होंने सामुदायिक कुत्तों के प्रबंधन में अधिकारियों की भूमिका पर भी चर्चा की और बताया कि कैसे एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाकर रेबीज के खतरे को कम किया जा सकता है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि अधिकारियों को सामुदायिक कुत्तों की जनसंख्या को नियंत्रित करने और रेबीज के टीकाकरण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
डॉ. शर्मा ने रेबीज रोकथाम के संबंध में कानूनी प्रावधानों पर भी चर्चा की और बताया कि कैसे पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियम, 2023 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत अधिकारियों को सामुदायिक कुत्तों के प्रबंधन के लिए काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि रेबीज रोकथाम के लिए कानूनी प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है और इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।
महाविद्यालय की के प्राचार्या डॉ. सपना पंडित ने डॉ. दीपक शर्मा को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके योगदान से छात्रों का शैक्षिक अनुभव समृद्ध हुआ है।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सपना पंडित के अलावा जूलॉजी विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. अनुज साहनी,डॉ. हरविंदर सिंह और डॉ. वंदना शर्मा भी उपस्थित रहे।
सभी ने डॉ. दीपक शर्मा के व्याख्यान की सराहना की और उनके योगदान की प्रशंसा की।