चंडीगढ़/शिमला 27 नवंबर,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/ रजनीश ठाकुर
हिमाचल प्रदेश में साइबर सुरक्षा ढांचे को मज़बूत बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले आईपीएस मोहित चावला (डीआईजी साइबर अपराध) को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। उनके नेतृत्व में राज्य की साइबर धोखाधड़ी वसूली दर 2022–23 के 3% से बढ़कर 2025 में लगभग 27% तक पहुंच गई, जो पूरे देश में सबसे तेज़ सुधारों में शामिल है।

मोहित चावला ने हिमाचल में शून्य से एक संगठित साइबर पुलिसिंग सिस्टम तैयार किया, जिसमें 24×7 नागरिक सहायता नेटवर्क, HMI4C साइबर कमांडो टीम, ICRACK फोरेंसिक लैब, CTRC प्रशिक्षण केंद्र और अत्याधुनिक साइबर अपराध प्रतिक्रिया एवं शमन केंद्र की स्थापना शामिल है। अक्टूबर 2024 में मुख्यमंत्री द्वारा साइ-स्टेशन–1 का उद्घाटन इस मिशन का प्रमुख पड़ाव रहा।
वर्तमान में चावला केंद्रीय नियुक्ति पर ITBP में डीआईजी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन साइबर क्षेत्र में उनके नवाचारों ने हिमाचल पुलिस को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है।










