चिट्टा विरोधी अभियान चला रहीं महिलाओं पर एफआईआर, कार्रवाई पर उठे सवाल
बिलासपुर, 24 दिसंबर।
हिम नयन न्यूज़ /ब्यूरो /वर्मा
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नशे के खिलाफ अभियान चला रही महिला मंडल की महिलाओं पर एफआईआर दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है, जिससे यह प्रकरण अब चर्चा और बहस का विषय बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्त हिमाचल अभियान के तहत महिला मंडल की ये महिलाएं लंबे समय से अपने क्षेत्र में चिट्टा (हेरोइन) जैसे नशीले पदार्थों के विरोध में दिन-रात पहरा देकर जागरूकता अभियान चला रही थीं। महिलाओं का उद्देश्य सरकार द्वारा चलाए गए अभियान के तहत युवाओं को नशे से बचाना और क्षेत्र को नशा मुक्त बनाना था।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि महिलाओं की सतत निगरानी और विरोध के कारण नशा तस्करी से जुड़े कुछ असामाजिक तत्वों पर दबाव बढ़ा था। इसी बीच प्रशासनिक कार्रवाई के तहत महिलाओं पर एफआईआर दर्ज कर दी गई, जिससे सामाजिक संगठनों और आम जनता में रोष व्याप्त है।

घटना के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ संघर्ष कर रही महिलाओं को प्रोत्साहन और संरक्षण मिलना चाहिए, न कि उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई। लोगों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से नशा विरोधी अभियान को नुकसान पहुंचेगा।
महिला मंडल की महिलाओं ने पुलिस की इस कार्रवाई से स्वयं को आहत बताया है। वहीं प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी होने की बात कही जा रही है।
क्षेत्रवासियों और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की है कि चिट्टा विरोधी अभियान में सहयोग करने वालों का मनोबल तोड़ने वाली किसी भी कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि नशा मुक्त समाज की दिशा में चल रहे प्रयासों को मजबूती मिल सके।









