/हिमाचल की पंचायतें कल 1 फरवरी से होगी प्रशासकों के हवाले ।

हिमाचल की पंचायतें कल 1 फरवरी से होगी प्रशासकों के हवाले ।

जनप्रतिनिधियों के लगभग 5 करोड़ रुपये मासिक मानदेय जमा होंगे सरकारी खजाने में ।

शिमला 30 जनवरी,
हिम नयन न्यूज़/ब्यूरो/वर्मा

हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण शासन व्यवस्था में कल पहली फरवरी से बड़ा बदलाव होने जा रहा है।

प्रदेश की 3,586 पंचायतों में वर्ष 2021 में चुने गए करीब 30 हजार जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल 31 जनवरी की आधी रात को समाप्त हो जाएगा और
इसके साथ ही सभी पंचायतें स्वतः भंग हो जाएंगी।

राज्य में पहली बार 1 फरवरी से पंचायतों में निर्वाचित प्रतिनिधियों के स्थान पर पूर्ण रूप से प्रशासकीय व्यवस्था लागू होगी। पंचायती राज विभाग ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

पंचायतों के भंग होने के बाद विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों की जिम्मेदारी अब प्रशासकों के हाथों में होगी।

प्रशासक की भूमिका को लेकर सरकार के पास दो प्रस्ताव विचाराधीन हैं। पहले प्रस्ताव में पंचायत सचिव को प्रशासक बनाए जाने की सिफारिश है, जबकि दूसरे प्रस्ताव में तीन सदस्यीय समिति गठित करने का सुझाव दिया गया है, जिसमें स्कूल प्रिंसिपल या हैडमास्टर प्रशासक होंगे तथा पंचायत सचिव और रोजगार सेवक सदस्य रहेंगे। इस पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार को लेना है।

इस व्यवस्था का असर राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी पड़ेगा। जनप्रतिनिधियों के मानदेय पर हर महीने खर्च होने वाले लगभग 5 करोड़ रुपये पंचायतों के भंग रहने की अवधि में सरकारी खजाने में बचत के रूप में जमा होंगे।