/केंद्र को बदनाम कर जिम्मेदारी से नहीं बच सकती कांग्रेस सरकार — डॉ. राजीव बिंदल।

केंद्र को बदनाम कर जिम्मेदारी से नहीं बच सकती कांग्रेस सरकार — डॉ. राजीव बिंदल।

शिमला 13 फरवरी,
हिम नयन न्यूज़/ ब्यूरो/ वर्मा

राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने के बाद प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर चर्चा के लिए होटल पीटरहॉफ में आयोजित सर्वदलीय बैठक में भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित पार्टी के कई विधायक उपस्थित रहे।


डॉ. बिंदल ने कहा कि हिमाचल का विकास सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है, लेकिन कांग्रेस सरकार अपनी वित्तीय विफलताओं का ठीकरा केंद्र पर फोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए लगभग 40 महीने हो चुके हैं और पूर्ण बहुमत के बावजूद वैकल्पिक संसाधन जुटाने व खर्च नियंत्रण पर पर्याप्त काम नहीं किया गया।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 14वें और 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों में स्पष्ट था कि राजस्व घाटा अनुदान चरणबद्ध तरीके से कम होकर समाप्त होगा। ऐसे में इसे नई आपदा बताकर जनता को भ्रमित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को समय रहते राजस्व वृद्धि और वित्तीय प्रबंधन पर काम करना चाहिए था।


बैठक में भाजपा ने केंद्र से प्राप्त सहायता के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि
वर्ष 2022–23 में लगभग ₹50,000 करोड़
वर्ष 2023–24 में लगभग ₹43,000 करोड़
वर्ष 2024–25/2025–26 में ₹35,000 करोड़ से अधिक राशि
विभिन्न केंद्रीय योजनाओं, टैक्स डिवोल्यूशन, केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं, विश्व बैंक, नाबार्ड, पीएमजीएसवाई व अन्य मदों के तहत प्रदेश को प्राप्त हुई।


उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में करीब ₹44,000 करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है और रेलवे, सुरंगों, फोरलेन व ऑल-वेदर कनेक्टिविटी परियोजनाओं से प्रदेश के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव आया है।


डॉ. बिंदल ने कहा कि हिमाचल में औद्योगिक विकास की मजबूत नींव पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के औद्योगिक पैकेज से रखी गई थी। बल्क ड्रग पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट केंद्र द्वारा दिए गए हैं, जिनकी आलोचना प्रदेश के औद्योगिक भविष्य के साथ अन्याय है।


उन्होंने कहा कि टैक्स डिवोल्यूशन और जीएसटी कलेक्शन के माध्यम से राज्यों को लगातार अधिक संसाधन मिल रहे हैं और केंद्र पर भेदभाव का आरोप तथ्यों के विपरीत है।



बैठक के दौरान कुछ वक्ताओं द्वारा केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के संदर्भ में आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग पर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया और इसी मुद्दे पर भाजपा प्रतिनिधिमंडल बैठक बीच में छोड़कर बाहर आ गया।
भाजपा ने कहा कि वह प्रदेश की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए हर रचनात्मक चर्चा में भाग लेने को तैयार है, लेकिन एकतरफा दोषारोपण और राजनीतिक बयानबाजी समाधान नहीं है।